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7th Pay Commission: मोदी सरकार ने बदला पेंशन का यह नियम, अब मिलेगा ढाई गुना ज्यादा फायदा

मोदी सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में अहम फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने फैमि‍ली पेंशन भुगतान के नियम में सुधार करते हुए फैमि‍ली पेंशन भुगतान की सीमा 45,000 रुपये से बढ़ाकर 1,25,000 रुपये प्रतिमाह कर दी है. इसकी जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने हाल ही में दी है.

7th Pay Commission: मोदी सरकार ने बदला पेंशन का यह नियम, अब मिलेगा ढाई गुना ज्यादा फायदा
रुपया (Photo Credits: PTI)

7th CPC Latest News: मोदी सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में अहम फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने फैमि‍ली पेंशन भुगतान के नियम में सुधार करते हुए फैमि‍ली पेंशन भुगतान की सीमा 45,000 रुपये से बढ़ाकर 1,25,000 रुपये प्रतिमाह कर दी है. इसकी जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने हाल ही में दी है. उन्होंने बताया कि फैमिली पेंशन में सुधार किया गया है और उसके भुगतान की सीमा 45,000 रुपये से बढ़ाकर 1,25,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है. उन्‍होंने कहा कि इस कदम से स्‍वर्गवासी हो चुके कर्मचारियों के परिवार के सदस्‍यों का जीवन आसान हो जाएगा और उन्‍हें पर्याप्‍त वित्‍तीय सुरक्षा मिलेगी. 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरुरी खबर, नई पेंशन नीति लागू करने के सवाल पर मोदी सरकार ने दिया ये जवाब

डॉ सिंह ने कहा कि पेंशन एवं पेंशनर कल्‍याण विभाग (डीओपीपीडब्‍ल्‍यू) ने उस राशि के मामले में स्‍पष्‍टीकरण जारी किया है, जिसमें अपने माता या‍ पिता की मृत्‍यु हो जाने पर कोई बच्‍चा फैमिली पेंशन की दो किस्‍तें निकालने का हकदार होता है. डॉ. सिंह ने कहा कि अब ऐसी दो किस्‍तों की कुल राशि 1,25,000 से ज्‍यादा नहीं हो सकती. यह पिछली सीमा से ढ़ाई गुना अधिक की वृद्धि है.

फैमि‍ली पेंशन का पुराना नियम

केन्‍द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमन 1972 के  नियम 54 के उपनियम 11 के अनुरूप, यदि पति और पत्‍नी दोनों ही सरकारी सेवा में हैं और इस नियम के तहत आते हैं, तो उनकी मौत की स्थिति में उनका जीवित बच्‍चा अपने माता-पिता की दो फैमिली पेंशन पाने के योग्‍य होगा. इससे पहले के निर्देशों में तय किया गया था कि ऐसे मामलों में दो फैमिली पेंशन की कुल राशि 45,000 रुपये प्रतिमाह और 27,000 रुपये प्रतिमाह, यानी क्रमश: 50 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की दर से अधिक नहीं होगी. यह दर छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 90,000 रुपये के अधिकतम वेतन के संदर्भ में तय की गई थी.

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया गया सुधार

अब ज‍बकि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार अधिकतम वेतन बढ़कर 2,50,000 रुपये प्रतिमाह हो गया है, तो केन्‍द्रीय सिविल सेवा पेंशन के नियम 54 (11) के अनुसार यह राशि 2,50,000 रुपये का 50 प्रतिशत यानी 1,25,000 रुपये और 2,50,000 रुपये का 30 प्रतिशत यानी 75,000 रुपये तय की गई है.

यह स्‍पष्‍टीकरण विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों से प्राप्‍त संदर्भों के मामले में जारी किया गया है. मौजूदा नियमों के अनुसार यदि किसी बच्‍चे के माता-पिता सरकारी सेवा में हैं और उनमें से एक की सेवाकाल में मृत्‍यु हो जाती है या वह सेवानिवृत्‍त हो जाते हैं तो स्‍वर्गवासी होने वाले व्‍यक्ति की फैमिली पेंशन उसके जीवित साथी को दी जाएगी और यदि उस साथी की भी मौत हो जाती है, तो जीवित बच्‍चे को, अपनी योग्‍यता साबित करने के बाद, अपने स्‍वर्गवासी माता-पिता दोनों की फैमिली पेंशन अदा की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 14, 2021 10:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).