VIDEO: इंदौर के सरकारी अस्पताल में नहीं मिली एम्बुलेंस सुविधा, कड़ी धूप में बेटे को स्ट्रेचर पर ले जाने को मजबूर हुए माता-पिता; वीडियो वायरल होने पर लोग भड़के

मध्य प्रदेश के इंदौर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है. महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल में भर्ती एक 12 वर्षीय बीमार बच्चे को रीढ़ की हड्डी की जांच के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन एम्बुलेंस और स्टाफ न मिलने के कारण माता-पिता को भीषण गर्मी में करीब एक किलोमीटर तक स्ट्रेचर खुद खींचना पड़ा.

(Photo Credits ABC 24)

Indore Hospital News:  मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल नेटवर्क में शामिल इंदौर के महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है. रीढ़ की हड्डी की बीमारी से जूझ रहे 12 वर्षीय बच्चे आदर्श के माता-पिता भीषण गर्मी और तेज धूप में उसका स्ट्रेचर खुद खींचकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने को मजबूर हुए. इस दौरान न तो उन्हें कोई एम्बुलेंस मिली और न ही कोई वार्ड बॉय या अस्पताल कर्मी सहायता के लिए आगे आया. वीडियो वायरल होने पर लोगों ने अस्पताल के प्रति गुस्सा जाहिर किया हैं.

चिलचिलाती धूप में बच्चे को गर्मी से बचाने के लिए उसकी मां रास्ते भर अपनी चुन्नी को पानी में भिगोकर उसके शरीर पर रखती रही, जबकि पिता आगे से स्ट्रेचर खींचता रहा. करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों को ही वार्ड बॉय और एम्बुलेंस की भूमिका निभानी पड़ी.  यह भी पढ़े:  VIDEO: उत्तर प्रदेश की लचर स्वास्थ सुविधा! नहीं मिली एम्बुलेंस तो बहन के शव को भाई और पिता बाइक पर ले जाते दिखे, औरैया का वीडियो देखकर लोगों का पसीजा दिल

 इंदौर में इंसानियत शर्मसार

एक किलोमीटर तक खींचना पड़ा स्ट्रेचर

परिजनों के अनुसार, आदर्श पिछले 15 दिनों से एमवाई अस्पताल के न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती था. रीढ़ की हड्डी में समस्या होने के कारण डॉक्टरों ने उसे पास ही स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया था. दोनों अस्पतालों के बीच की दूरी करीब एक किलोमीटर है. एम्बुलेंस या स्ट्रेचर ले जाने वाले अटेंडेंट की व्यवस्था न होने पर लाचार माता-पिता बच्चे को पैदल ही स्ट्रेचर पर लेकर निकल गए.

परेशानी तब और बढ़ गई जब सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को बताया गया कि बच्चे को वहां भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल उसकी फाइलों और दस्तावेजों की जांच की जानी थी. इसके बाद बेबस माता-पिता को दोबारा उसी भीषण गर्मी में बच्चे को स्ट्रेचर पर खींचकर वापस एमवाई अस्पताल लाना पड़ा.

अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई

मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है. एमवाई अस्पताल के अधीक्षक डॉ अशोक यादव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. वीडियो में दिख रहा क्षेत्र चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय के पास का है, इसलिए अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे को एमवाई अस्पताल से रेफर किया गया था या चाचा नेहरू अस्पताल से.

दूसरी ओर, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ पीयूष पंचारिया ने कहा कि वह एक सर्जरी में व्यस्त थे. उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चा वहां पहुंचा था या नहीं और उसे क्या समस्या थी.

पहले भी सामने आ चुकी हैं लापरवाहियां

इंदौर के एमवाई अस्पताल में मरीजों की अनदेखी का यह कोई पहला मामला नहीं है. इसी साल मार्च 2026 में एक वीडियो सामने आया था जिसमें तीमारदार मरीजों को खुद व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर ले जाते दिखे थे. वहीं, फरवरी 2026 में अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने के कारण कुछ महिलाएं एक मरीज को स्ट्रेचर पर खींचकर सड़क पार कराने को मजबूर हुई थीं.

इसके अलावा, अस्पताल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठते रहे हैं. जनवरी 2026 में आईवी कैनुला निकालते समय एक नर्स ने डेढ़ महीने के मासूम का अंगूठा काट दिया था, जिसके बाद बच्चे की सर्जरी करानी पड़ी थी. इससे कुछ समय पहले अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) वार्ड में चूहों द्वारा नवजातों को काटने की गंभीर शिकायतें भी सामने आई थीं, जिसके बाद प्रशासन को पेस्ट कंट्रोल के कड़े निर्देश देने पड़े थे. लगातार आ रही ऐसी रिपोर्टों ने अस्पताल के प्रबंधन और आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

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