भारत की ट्रेवल इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव, घरेलू यात्राओं में 72 प्रतिशत यात्री लागत को दे रहे कम महत्व: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 19 नवंबर : भारत की ट्रेवल इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और ग्राहकों के विश्वास और खर्च में तेजी देखी रही है. यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई. गूगल द्वारा कमीशन की गई कांतार रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 88 प्रतिशत यात्री घूमना चाहते हैं. वहीं, इंडस्ट्री का फोकस प्रीमियमाइजेशन और वैल्यू मैक्सीमाइजेशन पर है. रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू यात्राओं में 72 प्रतिशत यात्री लागत को कम महत्व देते हैं और 81 प्रतिशत यात्री अनुमान से अधिक खर्च हैं. यह प्रीमियमीकरण ग्लोबल ट्रिप्स में भी तेजी से बढ़ रहा है जहां औसत खर्च घरेलू यात्रा के खर्च का 3.2 गुना है.

गूगल इंडिया के ट्रैवल एवं फूडटेक हेड शौरभ कपाड़िया ने कहा, यात्रा करना अब सेल्फ-एक्सप्रेशन का एक रूप बन गया है. हालांकि, बुकिंग के तरीकों में अभी भी एकरूपता नहीं है और हम देख रहे हैं कि हमारा डिजिटल इकोसिस्टम इस जटिलता को सरल बना रहा है. देश में बढ़ते ट्रैवल का फायदा प्रमुख तौर पर हवाई क्षेत्र को भी मिल रहा है. घरेलू यात्री ट्रैफिक अक्टूबर में 1.42 करोड़ रहने का अनुमान है, जो कि सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत और सितंबर के मुकाबले 12.9 प्रतिशत अधिक है. यह भी पढ़ें : India's travel industry is changing dramatically, with 72% of domestic travelers paying less attention to cost: Report

रेटिंग एजेंसी आईसीआरए कहा कि यात्रियों की संख्या बढ़ने की वजह क्षमता विस्तार भी है, क्योंकि अक्टूबर में घरेलू प्रस्थान की संख्या करीब 99,816 रही है, जो कि मासिक आधार पर 10.8 प्रतिशत और सालाना आधार पर 1.7 प्रतिशत अधिक है. आईसीआरए को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 26 में भारतीय एयरलाइनों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात में 13-15 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिसे विस्तारित अंतरराष्ट्रीय मार्गों और विमानों की बढ़ती उपलब्धता से सपोर्ट मिलेगा. वहीं, यात्रियों की मांग को देखते हुए देश में नए-नए एयरपोर्ट्स भी खुल रहे हैं. नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल ऑपरेशन 25 दिसंबर से शुरू होंगे. वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन आने वाले वर्षों में हो सकता है.