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भारत का पहला CNG ट्रैक्टर हुआ लॉन्च, जानिए कैसे किसानों की बढ़ जाएगी इनकम- पढ़ें इसकी खासियत

भारत में पहली बार डीजल ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित किया गया है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इसे आज शाम 5 बजे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया.

भारत का पहला CNG ट्रैक्टर हुआ लॉन्च, जानिए कैसे किसानों की बढ़ जाएगी इनकम- पढ़ें इसकी खासियत
ट्रैक्टर I प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: भारत में पहली बार डीजल ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित किया गया है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इसे आज शाम 5 बजे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया. रावमट टेक्नो सॉल्यूशंस और टॉमासेटो अचीले इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से किए गए इस रूपांतरण से किसानों को उत्पादन लागत कम करने तथा ग्रामीण भारत में रोजगार के ज़्यादा से ज़्यादा अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी. इस प्रकार से किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण लाभ ईंधन की लागत पर सालाना एक लाख रुपये से अधिक की बचत करना सुलभ होगा. इसके अतिरिक्त उन्हें अपनी आजीविका में सुधार करने में भी मदद मिलेगी. MP में गोबर व पराली से सीएनजी व बायो-फर्टिलाइजर बनेगा- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ऐलान

ट्रैक्टर के सीएनजी में रूपांतरण के महत्वपूर्ण लाभ हैं:

  • यह एक स्वच्छ ईंधन है क्योंकि इसमें कार्बन और अन्य प्रदूषकों की मात्रा सबसे कम है.
  • यह बहुत किफायती है क्योंकि इसमें सीसा लगभग शून्य के बराबर है. यह गैर-संक्षारक, गाढ़ा और कम प्रदूषण फैलाने वाला है जो इंजन की जीवन क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और इसके लिए नियमित रखरखाव की कम आवश्यकता होती है.
  • यह बेहद सस्ता है क्योंकि सीएनजी की कीमतें पेट्रोल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की तुलना में कहीं अधिक सुसंगत हैं. डीजल तथा पेट्रोल चालित वाहनों की तुलना में सीएनजी वाहनों का औसत माइलेज भी बेहतर है.
  • यह बहुत सुरक्षित है क्योंकि सीएनजी वाहन सीलबंद टैंक के साथ आते हैं, जो ईंधन भरने या स्पिल की स्थिति में विस्फोट की संभावना को न्यूनतम करता है.
  • यह भविष्य को बेहतर बनाएगा क्योंकि पूरी दुनिया में लगभग 1 करोड़ 20 लाख वाहन वर्तमान में प्राकृतिक गैस द्वारा ही संचालित होते हैं. दिन प्रतिदिन अधिक से अधिक कंपनियां और नगर पालिकाएं सीएनजी को बढ़ावा देने के आंदोलन में शामिल हो रही हैं.
  • यह वेस्ट टू वेल्थ (कचरे से धन) कार्यक्रम का ही एक हिस्सा है क्योंकि फ़सल की पराली का उपयोग बायो-सीएनजी के उत्पादन के लिए कच्चे माल के रूप में किया जा सकता है जो किसानों को उनके अपने इलाके में बायो-सीएनजी उत्पादन इकाइयों को बेचकर पैसा कमाने में मदद करेगा.

किसानों के लिए ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित करने के और अधिक विशिष्ट लाभ हैं:

  • परीक्षण रिपोर्ट यह बताती है कि डीजल से चलने वाले इंजन की तुलना में रेट्रोफिटेड ट्रैक्टर उससे अधिक / बराबर शक्ति का उत्पादन करता है.
  • इससे डीजल की तुलना में कुल कार्बन उत्सर्जन में 70% की कमी आई है.
  • यह किसानों को ईंधन की लागत पर 50% तक की बचत करने में मदद करेगा क्योंकि वर्तमान में डीजल की कीमत 77.43 रुपये प्रति लीटर हैं जबकि सीएनजी केवल 42 रुपये प्रति किलोग्राम हैं.

उल्लेखनीय है कि इस खास मौके पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह तोमर, पुरुषोत्तम रूपाला और जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह भी उद्घाटन समारोह में मौजूद थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2021 03:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).