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Indian Railways: भारतीय रेलवे ने सख्त किए नियम: बिना टिकट यात्रा और आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश पर बढ़ा जुर्माना

भारतीय रेलवे ने रेलवे अधिनियम 1989 की प्रमुख धाराओं में संशोधन कर अनधिकृत यात्रा और आरक्षित डिब्बों में अवैध प्रवेश के खिलाफ जुर्माने की राशि बढ़ा दी है. बिना टिकट यात्रा और महिलाओं के कोच में प्रवेश पर अब भारी दंड का सामना करना पड़ेगा.

Indian Railways: भारतीय रेलवे ने सख्त किए नियम: बिना टिकट यात्रा और आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश पर बढ़ा जुर्माना
(Photo Credits Wikimedia commons)

मुंबई: भारतीय रेलवे ने अनधिकृत और अनियमित यात्रा पर अंकुश लगाने तथा यात्रियों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रेलवे अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. मध्य रेल (Central Railway) द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य आरक्षित डिब्बों, महिलाओं के कोच और विशिष्ट श्रेणियों की सीटों पर अवैध कब्जे को रोकना तथा मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है.

संशोधित नियमों के तहत बिना टिकट यात्रा करने, टिकट हस्तांतरण और आरक्षित डिब्बों में बाधा उत्पन्न करने पर जुर्माने की दरों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है.

बिना टिकट यात्रा पर लगेगा न्यूनतम 500 रुपये जुर्माना

रेलवे अधिनियम की धारा 137 (वैध पास या टिकट के बिना यात्रा करना) के तहत अब यात्री को किराया और अतिरिक्त प्रभार (Fare + Excess Charge) का भुगतान करना होगा, जिसकी न्यूनतम राशि 500 रुपये तय की गई है.

यदि यात्री इसका भुगतान करने से इंकार करता है, तो मामला न्यायालय को भेजा जाएगा. दोषसिद्धि पर अदालत 6 माह तक का कारावास, 500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा दे सकती है.

इसी प्रकार धारा 138 (अनुमत दूरी से अधिक यात्रा करने) के तहत भी देय अंतर राशि और अतिरिक्त प्रभार की न्यूनतम सीमा 500 रुपये कर दी गई है. भुगतान न करने पर 10 दिन से 1 माह तक के कारावास का प्रावधान है.

आरक्षित और महिला कोच में अवैध प्रवेश पर सख्त कार्रवाई

आरक्षित डिब्बों में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए धारा 155 के तहत नियमों को कड़ा किया गया है. आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश पर अब 2,000 रुपये तक का दंड लगेगा. वहीं वास्तविक यात्री के प्रवेश में बाधा डालने पर 1,000 रुपये तक का दंड तय किया गया है. भुगतान न करने पर मामला अदालत जाने पर जुर्माना 3,000 रुपये तक हो सकता है.

धारा 162 के अंतर्गत महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे में पुरुष यात्री के अवैध प्रवेश पर दंड बढ़ाकर 2,500 रुपये तक कर दिया गया है. इसके साथ ही सीट खाली कराई जाएगी और पास या टिकट जब्त कर लिया जाएगा. भुगतान न करने की स्थिति में अदालत 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है. हालांकि, इस धारा के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी.

टिकट का अवैध हस्तांतरण भी दंडनीय

धारा 142 के अनुसार, किसी अन्य व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करने या अवैध रूप से टिकट का हस्तांतरण करने पर टिकट जब्त कर लिया जाएगा. इसके साथ ही किराया और किराये के बराबर अतिरिक्त प्रभार देना होगा, जिसकी न्यूनतम राशि 500 रुपये होगी.

भुगतान न करने पर अदालत 6 माह तक का कारावास या 2,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों सजाएं सुना सकती है.

रेलवे प्रशासन ने की सहयोग की अपील

मध्य रेल प्रशासन ने सभी रेल यात्रियों से अपील की है कि वे संशोधित प्रावधानों का पालन करें. रेलवे ने यात्रियों से सदैव वैध टिकट के साथ यात्रा करने, आरक्षित सीटों के नियमों का सम्मान करने, और परिसर में अनधिकृत प्रवेश या धूम्रपान से बचने का अनुरोध किया है ताकि सभी के लिए यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाई जा सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 05, 2026 03:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).