Foreign Policy Protest: 'इजरायल समर्थक रुख छोड़े भारत, ईरान का दे साथ'; प्रकाश आंबेडकर की VBA 1 अक्टूबर को मुंबई के CSMT पर करेगी बड़ा प्रदर्शन
वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने भारत की विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. आंबेडकर ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को घोषणा की कि उनकी पार्टी 1 अक्टूबर को मुंबई के ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर एक विशाल विरोध मार्च और प्रदर्शन आयोजित करेगी. उन्होंने मांग की कि केंद्र की भाजपा-आरएसएस सरकार अपना "इजरायल समर्थक रुख" छोड़कर ईरान के समर्थन में खुलकर खड़ी हो.
मुंबई: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते सैन्य संघर्ष की गूंज अब भारत की घरेलू राजनीति में भी सुनाई देने लगी है. रिपोर्ट के अनुसार, वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी भारत की वर्तमान विदेश नीति के खिलाफ आगामी 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर 'हम ईरान के साथ हैं' मार्च निकालेगी.
मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए आंबेडकर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पश्चिमी रणनीतिक गुटों के प्रभाव में काम कर रही है, जबकि भारत के राष्ट्रीय व आर्थिक हित ईरान के साथ खड़े रहने में हैं. यह भी पढ़ें: Bihar Bandh Today: बिहार में आज 'बिहार बंद'; जानें AISA के आह्वान पर क्यों ठप है राज्य और क्या-क्या रहेगा बंद
"ईरान ने हमेशा भारत का साथ दिया, तेल संकट से बढ़ेगी महंगाई": प्रकाश आंबेडकर
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रकाश आंबेडकर ने खाड़ी युद्ध के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दूरगामी दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला:
- ऐतिहासिक संबंध: आंबेडकर ने कहा कि संकट के समय अरब जगत में ईरान ही अकेला ऐसा देश रहा है जिसने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा भारत का साथ दिया है.
- ऊर्जा सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य: भारत अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल आयात पर निर्भर है और यह आपूर्ति मुख्य रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) मार्ग से होती है. यदि युद्ध के कारण यह आपूर्ति बाधित होती है, तो कच्चे तेल के दाम आसमान छूने लगेंगे.
- घरेलू बजट पर मार: उन्होंने चेतावनी दी कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से देश में अनियंत्रित महंगाई फैलेगी, जिससे मध्यम वर्ग और गरीबों का घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा जाएगा.
प्रकाश अंबेडकर की VBA 1 अक्टूबर को मुंबई में विरोध प्रदर्शन करेगी
केंद्र सरकार पर साधा निशाना: "धर्म-जाति में उलझाने के बजाय आर्थिक प्राथमिकताओं पर ध्यान दें"
प्रकाश आंबेडकर ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वास्तविक आर्थिक चुनौतियों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है:
- उन्होंने कहा कि देश के आम नागरिक को जाति और धर्म के विवादों में उलझाया जा रहा है, ताकि लोग तेल, महंगाई और आर्थिक नीतियों पर सवाल न पूछ सकें.
- धर्म पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा, "धर्म महत्वपूर्ण है और महात्मा गांधी, ज्योतिबा फुले तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे महापुरुषों ने कभी धर्म को नकारा नहीं, लेकिन उन्होंने हमेशा इस बात पर बल दिया कि सामाजिक जीवन और जनसरोकार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं."
1 अक्टूबर को CSMT पर दोपहर 2 बजे एकजुट होने का आह्वान
रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए आंबेडकर ने नागरिक समाज, कार्यकर्ताओं और मौलवियों से राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने का आग्रह किया:
- उन्होंने लिखा कि केंद्र की सरकार भले ही इजरायल के साथ खड़ी दिखाई दे रही हो, लेकिन भारत की आम जनता और देश के वास्तविक हित ईरान की ऐतिहासिक साझेदारी के साथ हैं.
- उन्होंने सभी समुदायों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय से आह्वान किया कि वे 1 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे मुंबई के CSMT स्टेशन पर बड़ी संख्या में पहुंचकर इस प्रदर्शन को सफल बनाएं.