'भारत हमें टैरिफ से मार रहा है', दुनिया का सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश... डोनाल्ड ट्रंप ने अब कह दी ये बात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर भारत को निशाने पर लिया है. उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया का सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश है और उन्हीं के दबाव में नई दिल्ली ने "नो ड्यूटी" यानी बिना किसी शुल्क का ऑफर दिया था.
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर भारत को निशाने पर लिया है. उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया का सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश है और उन्हीं के दबाव में नई दिल्ली ने "नो ड्यूटी" यानी बिना किसी शुल्क का ऑफर दिया था. ट्रंप का कहना है कि अगर उनकी सख्त नीति न होती, तो भारत ऐसा प्रस्ताव कभी नहीं देता.
अमेरिका के स्कॉट जेनिंग्स रेडियो शो में ट्रंप ने कहा, "चीन हमें टैरिफ से मारता है, भारत हमें टैरिफ से मारता है, ब्राजील भी यही करता है. मैंने टैरिफ को उनसे कहीं ज्यादा बेहतर समझा. भारत सबसे हाई टैरिफ वाला देश था और अब उन्होंने मुझे कहा कि भारत में अब कोई टैरिफ नहीं होगा." ट्रंप ने यह भी दावा किया कि टैरिफ ने अमेरिका को "जबर्दस्त बातचीत की ताकत" दी.
भारत-अमेरिका व्यापार में तनाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर खींचतान जारी है. ट्रंप ने राष्ट्रपति रहते हुए भारत से आने वाले सामान पर 25% टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50% तक कर दिया गया. उन्होंने यह कदम भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर आपत्ति जताते हुए उठाया था. हालांकि, भारत ने साफ कहा कि उसके निर्णय "बाज़ार की स्थिति और जनता के हित" पर आधारित हैं.
भारत का रुख: "हम किसानों और जनता के हित से समझौता नहीं करेंगे"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी स्पष्ट कहा कि भारत अपने घरेलू हितों से कभी समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा – "हमारे किसानों, मछुआरों और डेयरी सेक्टर का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है." वहीं, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने हाल ही में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है और उम्मीद है कि नवंबर तक एक बाइलैटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) पर सहमति बन सकती है.
ट्रंप की आलोचना
ट्रंप अक्सर हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल का उदाहरण देते हैं, जिस पर भारत में कभी 200% ड्यूटी लगती थी. हालांकि, बाद में कंपनी ने भारत में अपना प्लांट लगाकर इस समस्या से बचने का रास्ता निकाला. अमेरिका के भीतर ट्रंप की यह नीति आलोचना के घेरे में रही है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इतने ज्यादा टैरिफ अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं.