Independence Day 2026: भारत आज मना रहा है आज़ादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस, यहां देखें PM मोदी का लाल किले से संबोधन LIVE
देश के सामर्थ्य को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र महान तब बनता है, जब वह अपने सपनों और संकल्पों के दम पर आगे बढ़ता है. उन्होंने देशवासियों से छोटे सपनों से आगे बढ़कर बड़े सपने देखने का आग्रह किया.
Independence Day 2026: भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रहा है. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के उज्ज्वल भविष्य का खाका खींचते हुए 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया. इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने को एक ऐतिहासिक क्षण बताया.
'विकसित भारत 2047' का संकल्प
लाल किले से अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति को नमन किया. उन्होंने कहा कि आज भारत ने नई ऊंचाइयों को छूने का एक बहुत बड़ा और दृढ़ सपना देखा है. यह भी पढ़े: Independence Day 2026: देश में 80वें स्वतंत्रता दिवस की धूम, PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा; देखें VIDEO
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब साल 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब तक हमें भारत को पूरी तरह से विकसित बनाना है. उन्होंने कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह वैश्विक मंच पर हमारे साहस का प्रतीक बन जाता है और दुनिया का नजरिया बदलने को मजबूर हो जाता है.
यहां देखें संबोधन लाइव
बड़े सपने और ऊंचे संकल्प
देश के सामर्थ्य को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र महान तब बनता है, जब वह अपने सपनों और संकल्पों के दम पर आगे बढ़ता है. उन्होंने देशवासियों से छोटे सपनों से आगे बढ़कर बड़े सपने देखने का आग्रह किया.
उन्होंने कहा कि जब हमारे संकल्प दृढ़ होते हैं, तो कठिनाइयों और आपदाओं के बीच से भी रास्ता निकालने की ताकत अपने आप पैदा हो जाती है. बड़े सपने ही हमारी सोच को विस्तार देते हैं और हमारे प्रयासों की ऊंचाई बढ़ाते हैं.
'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष: एक ऐतिहासिक पल
इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का भी गवाह बना. लाल किले पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक पल करार दिया.
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार 'वंदे मातरम्' गूंज रहा है. राष्ट्रगीत के 150 साल मनाने के लिए इससे उत्तम अवसर और कोई नहीं हो सकता.
प्राकृतिक आपदा प्रभावितों के प्रति संवेदना
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कुछ हिस्सों में हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने इन आपदाओं से प्रभावित परिवारों के दुख-दर्द को साझा करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया. प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार और पूरा देश पूरी मजबूती के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है.