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Independence Day 2025: मणिपुर में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में तिरंगा बाइक रैली निकाली गई, डीजीपी ने नशा तस्करों को चेतावनी दी

आजादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत मणिपुर में तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया. आजादी का अमृत महोत्सव पहल के अंतर्गत हुई इस भव्य रैली को मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने इंफाल ईस्ट के हप्ता कंगजेइबुंग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रैली का समापन ऐतिहासिक खोंगजॉम युद्ध स्मारक (थौबल जिला) में हुआ.

Independence Day 2025: मणिपुर में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में तिरंगा बाइक रैली निकाली गई, डीजीपी ने नशा तस्करों को चेतावनी दी

इंफाल, 12 अगस्त : आजादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत मणिपुर में तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया. आजादी का अमृत महोत्सव पहल के अंतर्गत हुई इस भव्य रैली को मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने इंफाल ईस्ट के हप्ता कंगजेइबुंग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रैली का समापन ऐतिहासिक खोंगजॉम युद्ध स्मारक (थौबल जिला) में हुआ.

इस रैली का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करना था. इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ. पुनीत कुमार गोयल, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न बाइकर्स क्लब के सदस्य और राज्य पुलिस बल के जवान मौजूद रहे. यह भी पढ़ें :Independence Day 2025: आजादी की 78वीं वर्षगांठ! जानें उन दीवानों की कहानी, जो कुर्बानी देकर भी नजर नहीं आये कथित इतिहासकारों को!

मीडिया से बात करते हुए डीजीपी राजीव सिंह ने लोगों की उपस्थिति पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा कि लोगों ने किस उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया. हम मणिपुर के लोगों, सभी बाइकर्स क्लबों, पुलिसकर्मियों और राज्यपाल के आभारी हैं कि उन्होंने हमारा उत्साहवर्धन किया. उन्होंने कहा कि यह रैली हमारे देश के लिए वर्षों से दिए गए बलिदानों की पहचान और स्मरण है, और यह हमें बार-बार सेवा करने के लिए प्रेरित करती है.

हाल ही में ड्रग्स से जुड़े एक मामले में पांच पुलिसकर्मियों, जिनमें एक सीडीओ इंस्पेक्टर भी शामिल हैं, के निलंबन पर पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने दोहराया कि ड्रग्स के मामले में पुलिस का रुख बेहद सख्त है. उन्होंने कहा कि ड्रग्स की समस्या केवल मणिपुर की नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व की है. चाहे वह पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक, जो भी ड्रग्स में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. यह लड़ाई हमारे युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है और यह किसी भी दबाव के बावजूद जारी रहेगी.

सूत्रों के अनुसार, जिन पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, वे एनएच-102 (भारत-म्यांमार मार्ग) पर अवैध ड्रग्स के साथ पकड़े गए तस्करों को 6 लाख रुपए की रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में शामिल हैं, हालांकि जब्त ड्रग्स पुलिस के पास रखे गए.

निलंबित पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर निंगथौजाम देवदास सिंह, जो कमांडो इम्फाल ईस्ट के ऑफिसर-इन-चार्ज (ओसी) शामिल हैं. अन्य निलंबित कर्मियों में सब-इंस्पेक्टर बी देबसन सिंह और कांस्टेबल तारीक अजीज, दोनों कमांडो इम्फाल ईस्ट से, हेड कांस्टेबल मोहम्मद रकीब, जो कमांडो थौबल से हैं और जमादार मोहम्मद अमीन शाह, जो 7वीं मणिपुर राइफल्स (एमआर) बटालियन, खबेसोई से हैं, शामिल हैं.

पुलिस रिकॉर्ड के अननुसार, 2013 में एसआई देबसन सिंह को टेंग्नौपाल जिले के मोरेह में 3 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की सूडोएफ़ेड्रिन टैबलेट्स ले जाते हुए पकड़ा गया था. इस मामले के बाद उनका मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार छात्र संगठन की सिफारिश पर वापस ले लिया गया था.

डीजीपी राजीव सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी कर इंस्पेक्टर देवदास को असम पुलिस मैनुअल पार्ट–3 के नियम 66 के तहत निलंबित किया और उन्हें निलंबन के दौरान एसपी इंफाल ईस्ट कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया. वहीं, डीआईजी सोरखैबम गौतम सिंह ने देबसन, अजीज, रकीब और अमीन शाह को पुलिस अधिकारी के अनुरूप आचरण न करने और गंभीर कदाचार के आरोप में निलंबित किया. रविवार को एसएसपी इंफाल ईस्ट राकेश बलवाल ने देबसन और अजीज के तत्काल निलंबन के आदेश की पुष्टि की

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2025 11:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).