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Independence Day 2020: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने की 8 बड़ी घोषणाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत ने असाधारण समय में असंभव को संभव किया है. इसी इच्छाशक्ति के साथ प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ना है. वर्ष 2022, हमारी आजादी के 75 वर्ष का पर्व, अब बस आ ही गया है.

Independence Day 2020: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने की 8 बड़ी घोषणाएं
नरेंद्र मोदी (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने लाल किले (Red Fort) की प्राचीर से राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत ने असाधारण समय में असंभव को संभव किया है. इसी इच्छाशक्ति के साथ प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ना है. वर्ष 2022, हमारी आजादी के 75 वर्ष का पर्व, अब बस आ ही गया है. हमारी नीतियां, हमारी सक्रियता, हमारे उत्पाद, सब कुछ सर्वोत्तम होना चाहिए, सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए. इसी मकसद के साथ देश को एक कदम और आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने 10 नई घोषणाएं कीं-

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन-

पीएम मोदी ने कहा कि नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा. इसके तहत हर देशवासी को एक आईडी दी जाएगी. उस आईडी में उसके स्‍वास्‍थ्‍य का सारा रिकॉर्ड होगा. लोगों के हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्‍थ आईडी में समाहित होंगी. इससे जरूरत पड़ने पर लोग सही जगह पर अपना इलाज कराने जा सकेंगे.

प्रोजेक्ट लायन-

हाल ही में गुजरात के गिर जंगलों में एशियाटिक लायन यानी एशियाई शेरों की संख्‍या में 29% का इजाफा हुआ. साथ ही शेरों के रहने के अनुरूप क्षेत्र में 36 प्रतिशत का इजाफा हुआ. इन्‍हीं एशियाई शेरों की संख्‍या को बढ़ाने के लिए और उनके संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट लायन की घोषणा प्रधानमंत्री ने लाल किले से की. Independence Day 2020: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कही ये 10 क्रांतिकारी बातें, जिससे देश बनेगा ‘आत्मनिर्भर’

प्रोजेक्ट डॉल्फिन-

डॉल्फिन भारत की राष्‍ट्रीय जलीय जीव है. 15 मार्च 2016 को लोकसभा में प्रस्‍तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में गंगा रिवर डॉल्फिन की संख्‍या में तेजी से गिरावट दर्ज हुई है. 2015 में की गई गणना के अनुसार देश में गंगा रिवर डॉल्फिन की संख्‍या करीब 2500 से 3500 के बीच है. नदियों में पायी जाने वाली डॉल्फिन के साथ-साथ समुद्री डॉल्फिन की संख्‍या बढ़ाने के उद्देश्‍य से प्रधानमत्री ने प्रोजेक्ट डॉल्फिन की घोषणा की.

बॉर्डर जिलों में एनसीसी कैडेट्स की तैनाती-

देश में 173  जिले ऐसे हैं, जो किसी न किसी देश की सीमा से लगे हैं. वहां पर तैनात सुरक्षा बलों का सहयोग करने के लिए राष्‍ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स को तैनात किया जाएगा. जमीनी सीमा पर तैनात होने वाले कैडेट्स को थल सेना, समुद्री सीमा से लगी जगहों पर एनसीसी कैडेट्स को नौसेना विशेष प्रशिक्षण देगी. पीएम मोदी ने कहा कि अब NCC का विस्तार देश के 173 सीमावर्ती और कोस्‍टल जिलों तक सुनिश्चित किया जाएगा. इस अभियान के तहत करीब 1 लाख नए एनसीसी कैडेट्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें 1 तिहाई लड़कियों को शामिल किया जाएगा. पूर्व की भांति इस कार्य में वायुसेना का सहयोग भी रहेगा. देश भर में करीब 14 लाख एनसीसी कैडेट्स हैं, जो 17 निदेशालयों के मार्गदर्शन में काम करते हैं. एनसीसी की 826 यूनिट 29 राज्‍यों व केंद्रशासित प्रदेशों में फैली हैं.

समुद्री तटों के पास 4 लेन सड़क निर्माण-

भारत में समुद्री तट की कुल लंबाई 7516.6 किलोमीटर है. ब्लू इकोनॉमी के विस्‍तार के लिए इन तटीय शहरों में एक्‍सपोर्ट हब बनाने का काम जारी है. इसे मजबूती प्रदान करने के लिए देश के सभी शहरों को, जो समुद्री तट से लगे हैं, 4 लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा, ताकि सड़क मार्ग से उत्पादों का आवागमन सुगम हो सके.

लक्षद्वीप तक ऑप्‍टिकल फाइबर-

प्रधानमंत्री ने लाल किले से घोषणा की है कि अगले 1000 दिनों में लक्षद्वीप को ऑप्‍ट‍िकल फाइबर से कनेक्ट किया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे चेन्‍नई से अंडमान निकोबार तक समुद्र के नीचे ऑप्‍ट‍िकल फाइबर बिछा कर हाई स्‍पीड इंटरनेट की सेवाएं पहुंचाई गई हैं.

1300 से ज्यादा द्वीपों पर नई विकास योजनाएं-

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक विशेष अभियान के तहत देश के करीब 1300 से ज्यादा द्वीपों पर नई विकास योजनाएं शुरू की जाएंगी. इसमें इंफ्रास्‍ट्रक्चर डेवलपमेंट से लेकर मूलभूत सेवाएं शामिल होंगी.

1000 दिन में हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर

देश में भारतनेट योजना पहले से चल रही है, जिसके तहत गांव-गांव में इंटरनेट के लिए ब्रॉडबैंड पहुंचाने का काम जारी है. इसी के आगे प्रधानमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले 1000 दिन में देश के हर गांव में ऑप्ट‍िकल फाइबर पहुंचेगा. साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें ऑप्टिल फाइबर से जुड़ी थीं. बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2020 11:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).