EPF Nomination Online: ईपीएफ खाते में नॉमिनी कैसे जोड़ें या बदलें? जानें जरूरी दस्तावेज और योग्यता के नए नियम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों के लिए अपने पीएफ खाते में नॉमिनी का विवरण अपडेट करना बेहद जरूरी है. ईपीएफओ ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से नॉमिनेशन की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है, जिससे सदस्य की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को पीएफ, पेंशन और बीमा का लाभ आसानी से मिल सके.
EPF Nomination Online: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation) (EPFO) के सदस्यों के लिए अपने भविष्य निधि (PF) खाते में नॉमिनी को जोड़ना या उसे अपडेट करना अब अनिवार्य और आसान हो गया है. ईपीएफओ के अनुसार, यह प्रक्रिया सदस्य के असामयिक निधन की स्थिति में उसके परिवार या आश्रितों को पीएफ, पेंशन (EPS) और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा (EDLI) के लाभों को बिना किसी प्रशासनिक बाधा के ट्रांसफर करने में मदद करती है. वर्तमान में, EPFO द्वारा ईपीएफ (EPF) और स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) योगदान पर 8.25% की वार्षिक ब्याज दर प्रदान की जा रही है. पीएफ खाताधारक यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पूरी कर सकते हैं.
ऑनलाइन ई-नॉमिनेशन (e-Nomination) की प्रक्रिया
ऑनलाइन नॉमिनेशन की सुविधा का लाभ केवल वही सदस्य उठा सकते हैं जिनका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार से लिंक्ड और सत्यापित है. ऑनलाइन नॉमिनी जोड़ने के चरण इस प्रकार हैं:
- सबसे पहले ईपीएफओ (EPFO) के आधिकारिक सदस्य पोर्टल पर लॉग इन करें.
- पोर्टल पर मौजूद 'Manage' टैब के तहत 'E-Nomination' विकल्प को चुनें.
- इसके बाद नॉमिनी (या नॉमीनियों) का पूरा व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें.
- विवरण सुरक्षित करने के बाद, आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) के जरिए ई-साइन (e-sign) की प्रक्रिया को पूरा करें.
- आधार से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) दर्ज कर सबमिट करें.
सफल सबमिशन के बाद आपका डिजिटल नॉमिनेशन फॉर्म सिस्टम में अपडेट हो जाएगा. सदस्य इसी प्रक्रिया को दोहराकर कभी भी अपने मौजूदा नॉमिनी को बदल भी सकते हैं.
आवश्यक दस्तावेज और विवरण
पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन फॉर्म भरते समय ग्राहक के पास प्रत्येक नॉमिनी से संबंधित निम्नलिखित जानकारियां होनी चाहिए:
- नॉमिनी का पहचान पत्र/संख्या (Aadhaar)
- पूरा नाम, लिंग और जन्मतिथि
- सदस्य के साथ वास्तविक संबंध और वर्तमान पता
- नॉमिनी के बैंक खाते का विवरण (वैकल्पिक)
- नॉमिनी के नाबालिग होने की स्थिति में अभिभावक (Guardian) का विवरण
- नॉमिनी की स्पष्ट पासपोर्ट साइज फोटो (साइज 100 KB से कम)
नॉमिनी शेयर आवंटन और वर्चुअल आईडी (VID) के नियम
यदि कोई सदस्य एक से अधिक नॉमिनी जोड़ना चाहता है, तो उसे कुल पीएफ राशि में से प्रत्येक नॉमिनी का हिस्सा प्रतिशत (Percentage Share) तय करना होगा. सभी नॉमीनियों का कुल शेयर मिलाकर शत-प्रतिशत (100%) होना अनिवार्य है.
ई-साइन प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सदस्य अपने मुख्य पहचान नंबर के स्थान पर 16-अंकीय वर्चुअल आईडी (VID) का भी उपयोग कर सकते हैं. इसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की वेबसाइट पर जाकर 'Virtual ID Generator' टूल के माध्यम से आसानी से जनरेट किया जा सकता है। नया वीआईडी बनते ही पुराना वीआईडी स्वतः अमान्य हो जाता है.
विवाहित और अविवाहित सदस्यों के लिए पात्रता नियम
ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, विवाहित और अविवाहित सदस्यों के लिए नॉमिनेशन के अधिकार अलग-अलग तय किए गए हैं:
- विवाहित सदस्यों के लिए: पीएफ नियमों के तहत केवल पति/पत्नी और बच्चों को ही 'परिवार' का हिस्सा माना जाता है। विवाहित अंशधारकों को अपने नॉमिनेशन में अनिवार्य रूप से जीवनसाथी या बच्चों को शामिल करना होता है. महिला सदस्य अपने पति, बच्चों के अलावा अपने आश्रित माता-पिता, सास-ससुर या दिवंगत बेटे की विधवा और उसके बच्चों को नॉमिनेट कर सकती हैं. वहीं पुरुष सदस्य अपनी पत्नी, बच्चों और आश्रित माता-पिता को नामित कर सकते हैं.
- अविवाहित सदस्यों के लिए: जो सदस्य अविवाहित हैं या जिनका कोई परिवार (पति/पत्नी या बच्चे) नहीं है, वे अपनी इच्छानुसार किसी भी व्यक्ति को अपना नॉमिनी बना सकते हैं. हालांकि, विवाह के बाद यह पुराना नॉमिनेशन स्वतः रद्द माना जाता है और नए सिरे से परिवार के सदस्यों को जोड़ना पड़ता है.
ऑफलाइन माध्यम और अपडेट की सलाह
जो सदस्य तकनीकी कारणों से ऑनलाइन सेवा का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, वे ऑफलाइन माध्यम चुन सकते हैं. इसके लिए उन्हें 'फॉर्म नंबर 2' (Form No. 2) को पूरी तरह भरकर अपने नियोक्ता (Employer) के माध्यम से संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय में जमा करना होता है.
ईपीएफओ ने सभी अंशधारकों को सलाह दी है कि जीवन में आने वाले किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव, जैसे— विवाह होने, बच्चे के जन्म या पूर्व नॉमिनी की मृत्यु की स्थिति में अपने पीएफ खाते का नॉमिनेशन तुरंत अपडेट करें, ताकि भविष्य में क्लेम सेटलमेंट के समय परिवार को किसी कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े.