ऐतिहासिक दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह करेंगे न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा, पीएम क्रिस्टोफर लक्सम ने की घोषणा
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं. यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला न्यूजीलैंड दौरा होगा, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है.
वेलिंगटन/नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अगले सप्ताह अपनी पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा (New Zealand Trip) पर जाएंगे. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इसकी आधिकारिक घोषणा की. पीएम लक्सम ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए कहा कि यह दौरा न्यूजीलैंड की भविष्य की आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. कूटनीतिक हलकों में इस यात्रा को बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पिछले 40 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला न्यूजीलैंड दौरा होगा. यह भी पढ़ें: National Doctors’ Day: पीएम मोदी ने वेनेजुएला में 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत मदद कर रहे भारतीय डॉक्टरों की सराहना की
ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को मिलेगा नया स्तर
प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के अनुसार, दोनों देश इसी वर्ष 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित 'भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते' (FTA) के माध्यम से अपनी साझेदारी को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं.
पीएम लक्सम का बयान: "मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा करेंगे. अप्रैल में हस्ताक्षरित हमारा मुक्त व्यापार समझौता न्यूजीलैंड के लिए अधिक रोजगार, उच्च निर्यात और मजबूत आर्थिक विकास प्रदान करेगा. यह 1.4 अरब लोगों के विशाल भारतीय बाजार में हमारे वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने के नए अवसर खोलेगा, जिससे कीवी (न्यूजीलैंड) समुदायों में अधिक पैसा आएगा, रोजगार पैदा होंगे और वेतन में वृद्धि होगी. "
ऑकलैंड में पीएम मोदी का कूटनीतिक कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेंगे और अगले दिन 11 जुलाई को वहां से प्रस्थान करेंगे. हालांकि यह दौरा संक्षिप्त होगा, लेकिन भारत और न्यूजीलैंड के बीच मील का पत्थर साबित हुए एफटीए (FTA) पर मुहर लगने के ठीक दो महीने बाद हो रही इस मुलाकात से दोनों देशों के व्यापार और निवेश संबंधों को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड से भारत निर्यात होने वाली 95 प्रतिशत वस्तुओं पर से सीमा शुल्क (टैरिफ) हटा दिया जाएगा, जिससे न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार तक व्यापक पहुंच मिलेगी.
प्रधानमंत्री मोदी अगले हफ़्ते न्यूज़ीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा करेंगे
भारत और न्यूजीलैंड को होने वाले प्रमुख लाभ
यह ऐतिहासिक समझौता दोनों देशों के लिए आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है:
- भारतीय विनिर्माण को मजबूती: इस समझौते के जरिए भारत को अपनी विनिर्माण (Manufacturing) इकाइयों के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल जैसे लकड़ी के लट्ठे (Wooden Logs), कोकिंग कोल, और स्क्रैप मेटल का शुल्क-मुक्त आयात करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उत्पादन लागत कम होगी.
- कृषि क्षेत्र में सहयोग: व्यापार से इतर, इस समझौते में एक विशेष कृषि प्रौद्योगिकी (Agrotechnology) योजना शामिल है. इसके तहत न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ भारतीय किसानों को कीवी फल, सेब और शहद के उन्नत उत्पादन के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और इनपुट प्रदान करेंगे.
- निवेश और गतिशीलता: न्यूजीलैंड सरकार ने अगले 15 वर्षों में भारत के बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार क्षेत्रों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक के निवेश को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई है. साथ ही, भारतीय आईटी, इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए 'टीईई' (TEE) वीजा मार्ग भी तैयार किया गया है.
पृष्ठभूमि और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण
इससे पहले, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने 16 से 20 मार्च 2025 तक भारत का आधिकारिक दौरा किया था, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस व्यापक मुक्त व्यापार समझौते की नींव रखी थी.
भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक बेहद गर्मजोशी भरा और बहुआयामी संबंध रहा है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रमंडल (Commonwealth) संबंधों और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के एक समान दृष्टिकोण पर आधारित है. पीएम मोदी का यह दौरा इस रणनीतिक साझेदारी को एक नए शिखर पर ले जाएगा.