नैशनल हेरल्ड केस में कांग्रेस को बड़ा झटका, 2 हफ्ते में खाली करना होगा हाउस
नैशनल हेराल्ड हाउस केस में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दो सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली एजेएल की याचिका खारिज कर दी.
नैशनल हेराल्ड हाउस केस में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दो सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली एजेएल की याचिका खारिज कर दी. बता दें कि असोसिएटेड जनरल लिमिटेड (एजेएल) ने लैंड ऐंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी के 30 अक्टूबर को हेरल्ड हाउस के खाली करने के आदेश को चुनौती दी थी. केंद्र सरकार ने पब्लिशर के अखबार नैशनल हेरल्ड द्वारा लीज के नियमों का उल्लंघन करने पर उसे खाली करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने एजेएल की अर्जी खारिज करते हुए दो सप्ताह के भीतर हेराल्ड हाउस खाली करने का नोटिस दिया है. केंद्र सरकार ने हेराल्ड हाउस को खाली करने के अपने आदेश में कहा है कि नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर के प्रकाशक ने लीज की शर्तों का उल्लंघन किया.
एजेएल का पक्ष रखते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि सरकार दुर्भावना के साथ हेराल्ड भवन को खाली कराए जाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. बता दें कि केंद्र सरकार ने एक फैसले के तहत हेराल्ड भवन की लीज को कैंसिल कर दिया था. इस संबंध में याचिकाकर्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है कि हेराल्ड हाउस खाली नहीं करने पर अधिनियम 171 का उल्लंघन माना जाएगा और सरकार कार्रवाई करेगी.
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सुनवाई के दौरान जब हाई कोर्ट ने सरकार के वकील तुषार मेहता से पूछा था कि अब जब हेरल्ड हाउस से अखबार चलाया जा रहा है तो क्या फिर भी बिल्डिंग वापस ली जा सकती है? इस पर मेहता ने कहा था कि उस बिल्डिंग से अखबार शुरू किया गया जब कार्रवाई करने और लीज खत्म करने का फैसला किया गया.
क्या है नेशनल हेराल्ड केस
नेशनल हेराल्ड केस अखबार से जुड़ा है जिसकी स्थापना 1938 में जवाहरलाल नेहरू ने की थी. उस समय से यह अखबार कांग्रेस का मुखपत्र माना जाता रहा है. एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिकाना कंपनी है. कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को इसकी 90 करोड़ रुपये की देनदारियों को अपने जिम्मे ले लिया था. इसके बाद 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी है. बाकी की 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास है.
इसके बाद टीएजेएल के 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर 'यंग इंडियन ' को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडियन को कांग्रेस का लोन चुकाना था. 9 करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को इस कंपनी के 99 फीसदी शेयर हासिल हो गए. इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन भी माफ कर दिया. यानी 'यंग इंडियन' को मुफ्त में टीएजेएल का स्वामित्व मिल गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 21, 2018 05:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

