Haryana Shocker: फरीदाबाद में स्टेट लेवल वॉलीबॉल खिलाड़ी की बेरहमी से पिटाई के बाद मौत, परिजनों ने लगाया अपहरण और टॉर्चर का आरोप

राजस्थान के रहने वाले 21 वर्षीय राज्य स्तरीय वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू की फरीदाबाद के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि एक नाबालिग लड़की के रिश्तेदारों ने मोनू का अपहरण कर उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा, खाना नहीं दिया और बेरहमी से पीटा. पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

फरीदाबाद, 23 मई: हरियाणा (Haryana) के फरीदाबाद जिले (Faridabad District) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां राजस्थान (Rajasthan) के एक 21 वर्षीय राज्य स्तरीय वॉलीबॉल खिलाड़ी (Volleyball Player) की संदिग्ध परिस्थितियों में बेरहमी से पिटाई के बाद मौत हो गई. मृतक की पहचान मोनू के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती था और शुक्रवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. मृतक के परिजनों ने एक नाबालिग लड़की के रिश्तेदारों पर मोनू का अपहरण करने, उसे तीन दिनों तक भूखा रखकर बंधक बनाने और बर्बरतापूर्वक प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है. यह भी पढ़ें: Faridabad Jail Shocker: फरीदाबाद जेल में खूनी संघर्ष, आतंकी साजिश के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या; कैदी ने धारदार हथियार से किया हमला

परिजनों का आरोप: तीन दिन तक बंधक बनाकर किया टॉर्चर

मृतक मोनू राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र के सैदपुर गांव का निवासी था और वॉलीबॉल में कई राज्य स्तरीय पदक जीत चुका था. परिजनों के अनुसार, मोनू फरीदाबाद के तिगांव इलाके की एक नाबालिग लड़की के संपर्क में था. दोनों के बीच जान-पहचान लड़की के सैदपुर स्थित ननिहाल के माध्यम से हुई थी.

मोनू के चाचा ने आरोप लगाया कि 17 मई को मोनू यह कहकर घर से निकला था कि वह एक पुराने मामले में पूछताछ के लिए तिगांव थाने जा रहा है। परिजनों का दावा है कि रास्ते में ही लड़की के रिश्तेदारों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे तीन दिनों (17 मई से 20 मई) तक एक घर में हाथ-पैर बांधकर रखा. इस दौरान उसे खाना-पानी नहीं दिया गया और लगातार लोहे की रॉड व डंडों से पीटा गया. बाद में उसे अधमरी हालत में घर से बाहर फेंक दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया.

नाबालिग लड़की से जुड़ा है पुराना विवाद

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि अप्रैल महीने से जुड़ी हुई है. अप्रैल 2026 में उक्त नाबालिग लड़की के कथित अपहरण को लेकर मोनू के खिलाफ फरीदाबाद के तिगांव थाने में एक मामला दर्ज कराया गया था.

बाद में पुलिस ने लड़की को सकुशल बरामद कर लिया था और मामले की जांच चल रही थी. इसी सिलसिले में मोनू को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. हालांकि, फरीदाबाद पुलिस ने अभी तक परिजनों द्वारा लगाए गए अवैध हिरासत, भूख से तड़पाने या तीन दिनों तक टॉर्चर किए जाने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

पुलिस ने दो संदिग्धों को लिया हिरासत में, जांच जारी

लड़के की मौत के बाद फरीदाबाद और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में तनाव का माहौल है. फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मोनू के परिवार की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की के परिवार से जुड़े दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है.

पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि मोनू को चोटें किन परिस्थितियों में लगीं और उसकी मौत की मुख्य वजह क्या रही. डॉक्टरों के पैनल द्वारा शनिवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में हत्या (BNS की प्रासंगिक धारा) की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.

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