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Haridwar: मनसा देवी मंदिर में पुजारियों के लिए 'बिना जेब वाला' ड्रेस कोड लागू, दान में गड़बड़ी रोकने के लिए ट्रस्ट का बड़ा फैसला

उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में पुजारियों और स्टाफ के लिए बिना जेब वाले कुर्ते (पॉकेटलेस ड्रेस कोड) पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी के आरोपों के बाद मंदिर प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है.

Haridwar: मनसा देवी मंदिर में पुजारियों के लिए 'बिना जेब वाला' ड्रेस कोड लागू, दान में गड़बड़ी रोकने के लिए ट्रस्ट का बड़ा फैसला
'बिना जेब वाला' ड्रेस कोड लागू (Photo/ANI)

हरिद्वार: उत्तराखंड (Uttarakhand) के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हरिद्वार (Haridwar) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां के ऐतिहासिक मनसा देवी मंदिर (Mansa Devi Temple) में दान प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाने के लिए पुजारियों और कर्मचारियों के लिए एक नया नियम लागू किया गया है. मंदिर प्रबंधन ने ड्यूटी पर मौजूद सभी पुजारियों के लिए 'बिना जेब वाले परिधान' (Pocketless Attire) पहनना अनिवार्य कर दिया है. मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने इस नए ड्रेस कोड की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी पुजारियों और कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को सहर्ष स्वीकार कर लिया है और वे बिना जेब वाले कुर्तों में ड्यूटी कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: Ram Mandir Donation Dispute: 'शिवसेना द्वारा दान की गई 4 किलो की चांदी की ईंट गायब'- संजय राउत का राम मंदिर ट्रस्ट पर बड़ा आरोप

दान सीधे पुजारियों के पास जाने के बजाय ट्रस्ट को मिलेगा

मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह फैसला मंदिर की साख को बनाए रखने और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए लिया गया है.

उन्होंने बताया:

"जब मैंने मंदिर पहुंचकर पुजारियों और कर्मचारियों को देखा, तो पाया कि किसी भी स्टाफ के कुर्ते में जेब नहीं थी. जो लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वे मनसा देवी मंदिर की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं. मेरा उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं है, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए यह जरूरी हो गया था कि ड्यूटी के दौरान पुजारी बिना जेब वाले कपड़े पहनें. हमने आपसी सहमति बनाई है कि भक्तों द्वारा चढ़ावा सीधे पुजारियों के पास जाने के बजाय सीधे मंदिर ट्रस्ट के खाते में जाना चाहिए."

प्रबंधन को पुख्ता करने के लिए मंदिर परिसर में 65 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे भी इंस्टॉल किए गए हैं. अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि कैमरे की निगरानी में यदि कोई भी व्यक्ति अनुचित कार्य या गड़बड़ी करते हुए पकड़ा गया, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

बद्रीनाथ मंदिर दान विवाद के बाद लिया गया एक्शन

मनसा देवी मंदिर प्रशासन का यह सख्त फैसला पड़ोसी चारधाम में से एक, बद्रीनाथ मंदिर में सामने आए कथित दान चोरी के विवाद के बाद लिया गया है. गौरतलब है कि 2 जुलाई 2026 को बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कैश (नकद दान) की गिनती के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं. प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए काउंटिंग रूम से नकदी को बाहर निकाला गया था.

इस मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर बद्रीनाथ थाने में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो इस पूरे घोटाले की परतें खंगाल रहा है.

एसआईटी (SIT) ने जब्त किए डिजिटल सबूत; फॉरेंसिक लैब भेजी जाएगी फुटेज

मामले की जांच कर रहे एसआईटी अधिकारी महादेव उनियाल ने बताया कि पुलिस ने मंदिर परिसर के भीतर सीसीटीवी कंट्रोल रूम से एक एनवीआर (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) को अपने कब्जे में ले लिया है. इसमें 22 जून और 25 जून की पूरी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है.

अधिकारी ने यह भी आशंका जताई कि दान की गिनती से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण समय की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ छेड़छाड़ की गई है या उसे डिलीट कर दिया गया है. नष्ट की गई फुटेज को डेटा रिकवरी के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जा रहा है. इसी बीच, 14 जुलाई को गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के प्रबंध निदेशक (MD) संदीप तिवारी की अध्यक्षता में गठित एक उच्च स्तरीय समिति ने बद्रीनाथ धाम का दौरा कर दान बक्से लाने, पैसे गिनने और बैंक अधिकारियों के समन्वय की पूरी प्रक्रिया का भौतिक निरीक्षण किया है. समिति इस मामले में जनता से भी इनपुट मांग रही है और साइबर सेल की मदद ले रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2026 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).