H-1B Visa: एच-1बी वीजा फीस में बढ़ोतरी से अमेरिका के इनोवेशन इकोसिस्टम और जॉब इकोनॉमी पर पड़ सकता है असर; नैसकॉम
नैसकॉम ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा एक दिन की समय सीमा के साथ एच-1बी वीजा फीस में बढ़ोतरी से अमेरिका के इनोवेशन इकोसिस्टम और व्यापक जॉब इकोनॉमी पर असर पड़ सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित और स्किल्ड वर्कर प्रोग्राम के व्यापक सुधार के हिस्से के रूप में एच-1बी वीजा आवेदनों पर 1 लाख डॉलर की वार्षिक फीस लगाने वाले व्हाइट हाउस के नए घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, नैसकॉम ने कहा कि इसे लागू करने का समय भी चिंता का विषय है.
नई दिल्ली, 20 सितंबर : नैसकॉम ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा एक दिन की समय सीमा के साथ एच-1बी वीजा फीस में बढ़ोतरी से अमेरिका के इनोवेशन इकोसिस्टम और व्यापक जॉब इकोनॉमी पर असर पड़ सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित और स्किल्ड वर्कर प्रोग्राम के व्यापक सुधार के हिस्से के रूप में एच-1बी वीजा आवेदनों पर 1 लाख डॉलर की वार्षिक फीस लगाने वाले व्हाइट हाउस के नए घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, नैसकॉम ने कहा कि इसे लागू करने का समय भी चिंता का विषय है.
उद्योग संगठन ने कहा, "एक दिन की समय सीमा से दुनिया भर के व्यवसायों, पेशेवरों और छात्रों में काफी अनिश्चितता पैदा होती है. इस स्तर के नीतिगत बदलावों को उचित ट्रांजीशन पीरियड के साथ लागू किया जाना चाहिए, जिससे संगठन और व्यक्ति प्रभावी ढंग से योजना बना सकें और व्यवधान को कम कर सकें." नैसकॉम ने कहा कि वे आदेश की बारीकियों की समीक्षा कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : Jharkhand Shocker: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में पत्थर से वार कर दो की मौत, पुलिस ने शुरू की जांच
नैसकॉम के अनुसार, "एच-1बी वीजा को लेकर लिए गए नए फैसले का प्रभाव उन भारतीय नागरिकों पर भी पड़ेगा, जो वैश्विक और भारतीय कंपनियों में इस वीजा पर काम करते हैं.भारत की प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियां भी प्रभावित होंगी क्योंकि ऑनशोर प्रोजेक्ट के लिए व्यवसाय निरंतरता बाधित होगी और अतिरिक्त लागत के लिए समायोजन की आवश्यकता होगी. कंपनियां बदलावों को अपनाने और प्रबंधित करने के लिए ग्राहकों के साथ मिलकर काम करेंगी." हालांकि, यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत और भारत केंद्रित कंपनियों ने हाल के वर्षों में लोकल हायरिंग को बढ़ाकर इन वीजा पर अपनी निर्भरता लगातार कम की है.
नैसकॉम ने तर्क दिया, "ये कंपनियां एच-1बी वीजा प्रक्रियाओं के लिए अमेरिका में सभी आवश्यक शासन और अनुपालन का पालन करती हैं, प्रचलित वेतन का भुगतान करती हैं और शिक्षाविदों और स्टार्टअप के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और इनोवेशन भागीदारी में योगदान देती हैं. इन कंपनियों के लिए एच-1बी श्रमिक किसी भी तरह से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं हैं." नैसकॉम ने लगातार जोर दिया है कि हाई-स्किल टैलेंट अमेरिका की अर्थव्यवस्था में इनोवेशन, प्रतिस्पर्धा और विकास को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है.
यह विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण है जब एआई और अन्य अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी में प्रगति वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को परिभाषित करने वाली है. हाई-स्किल टैलेंट अमेरिका के इनोवेशन लीडरशिप और दीर्घकालिक आर्थिक शक्ति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण रहेगी. उद्योग संगठन ने आगे कहा कि डेवलपमेंट जारी हैं, हम इस पर बारीकी से नजर रखेंगे, संभावित परिणामों पर उद्योग से जुड़े हितधारकों से बातचीत करेंगे और डीएचएस सचिव द्वारा दिए जाने वाले विवेकाधिकार छूट की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2025 05:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

