Gujarat Shocker: गुजरात के भावनगर में घर के बाहर शख्स पर शेर का हमला, रोंगटे खड़े कर देने वाला VIDEO वायरल
Bhavnagar Lion Attack

Gujarat Shocker: गुजरात के भावनगर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पालिताना तालुका के गरजीया गांव में सोमवार, 5 जुलाई की सुबह एक शेर ने अपने घर के बाहर मौजूद एक स्थानीय मालधारी (पशुपालक) पर अचानक हमला कर दिया. इस हमले में वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है. इस पूरी घटना का एक वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना ने वन्यजीव क्षेत्रों के पास बसे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है.

घर के पास अचानक हुआ हमला

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायल व्यक्ति की पहचान गरजीया गांव के निवासी कालूभाई बोघाभाई गामरा के रूप में हुई है. सुबह के समय जब कालूभाई अपने घर के पास थे, तभी वहां अचानक पहुंचे एक शेर ने उन पर हमला कर दिया. शेर ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और उनके पैर पर अपने पंजों से गहरे घाव कर दिए. कालूभाई ने खुद को बचाने का प्रयास किया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने शोर मचाना और पत्थर फेंकना शुरू किया. लोगों के भारी विरोध को देखकर शेर आखिरकार पीड़ित को छोड़कर वापस जंगल की तरफ भाग गया.  यह भी पढ़े:  Surat Shocker: प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी ने की पति की हत्या; पुलिस के सामने कबूला- 'दवाइयां खाकर करता था शारीरिक और यौन उत्पीड़न'

रोंगटे खड़े कर देने वाला VIDEO

 रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो

इस हमले का लाइव वीडियो प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जो अब इंटरनेट पर प्रसारित हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शेर किस तरह मालधारी को जमीन पर दबोचे हुए है और पास के निवासी चिल्लाकर जानवर को डराने की कोशिश कर रहे हैं. घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने लहूलुहान हालत में कालूभाई को पालिताना के मानसिंहजी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों के अनुसार, उनके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है.

ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है. पालिताना तालुका पंचायत के सदस्य चेतन डाभी ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे तीन शेर गांव में घुस आए थे और कालूभाई के घर तक पहुंच गए. उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में शेरों की लगातार आवाजाही को लेकर वन विभाग को कई बार आवेदन दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. उन्होंने मांग की है कि शेरों को तुरंत सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजा जाए.

गरजीया गांव के सरपंच के पति सवजीभाई ने बताया कि घटना की सूचना दिए जाने के करीब डेढ़ घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. उनके अनुसार, पिछले पांच सालों से गांव में अक्सर शेर घूमते देखे गए हैं और इसकी शिकायतें लगातार की जा रही हैं.

स्थिति पर नजर रख रहा है वन विभाग

हमले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में शेरों की गतिविधियों और उनके मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है. ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और यदि जरूरत पड़ी तो शेरों को मानव बस्तियों से दूर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी.

इस घटना के बाद से गरजीया गांव और उसके आसपास के पशुपालकों तथा मालधारी परिवारों में भारी डर का माहौल है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि वे क्षेत्र में नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.