Gujarat Fake Ghee Factory Busted: गुजरात में 1.67 करोड़ रुपये का नकली घी रैकेट पकड़ा गया, पाम ऑयल और केमिकल से बन रहा था देसी घी; 30 हजार लीटर मासिक उत्पादन का खुलासा

पुलिस ने इस मामले में जनककुमार नाथालाल भावसार को इस पूरे रैकेट का कथित मास्टरमाइंड बताया है. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नकली घी किन व्यापारियों और दुकानदारों तक पहुंचाया जाता था. साथ ही पूरे सप्लाई नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है, ताकि इस मिलावटखोरी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके.

Gujarat Fake Ghee Factory Busted: गुजरात पुलिस ने खाद्य मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गांधीनगर के पास छत्राल GIDC इलाके में नकली घी बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से करीब 1.67 करोड़ रुपये मूल्य का नकली घी, पाम ऑयल और अन्य रासायनिक पदार्थ जब्त किए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री हर महीने करीब 30 हजार लीटर नकली घी तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रही थी. यह भी पढ़ें: S*x Racket Busted in Navi Mumbai: स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़, 4 थाई नागरिकों समेत 7 महिलाएं बचाई गईं

पुलिस के अनुसार, रेंज डीआईजी वीरेंद्र सिंह यादव को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कलोल तालुका स्थित योगेश्वर एस्टेट के गोदाम नंबर D/48 में संचालित हैप्पी ऑयल इंडस्ट्रीज (Happy Oil Industries) पर छापा मारा गया. जांच में पता चला कि यहां रिफाइंड पाम ऑयल, क्रूड पाम ऑयल और विभिन्न रसायनों को मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार किया जाता था, जो देखने, महकने और स्वाद में असली देसी घी जैसा लगता था.

पाम ऑयल और केमिकल से तैयार होता था नकली घी

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, फैक्ट्री में तैयार किए गए नकली घी को मशहूर और प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम से पैक कर बाजार में बेचा जाता था, ताकि उपभोक्ताओं को आसानी से धोखा दिया जा सके. छापेमारी के दौरान हजारों किलो नकली घी, पाम ऑयल, केमिकल और अन्य कच्चा माल बरामद किया गया.

 

गांधीनगर में पाम ऑयल से नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री मिली:

1.67 करोड़ रुपये का माल जब्त

रेंज आईजी वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पुलिस ने फैक्ट्री से 1.67 करोड़ रुपये मूल्य का नकली घी, मिलावटी पाम ऑयल और अन्य रासायनिक पदार्थ जब्त किए हैं. कार्रवाई के बाद गांधीनगर जिला खाद्य सुरक्षा विभाग और वैज्ञानिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया. सभी संदिग्ध नमूनों को सील कर फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है, जहां उनकी विस्तृत जांच की जाएगी.

मास्टरमाइंड की पहचान, जांच जारी

पुलिस ने इस मामले में जनककुमार नाथालाल भावसार को इस पूरे रैकेट का कथित मास्टरमाइंड बताया है. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नकली घी किन व्यापारियों और दुकानदारों तक पहुंचाया जाता था. साथ ही पूरे सप्लाई नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है, ताकि इस मिलावटखोरी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके.

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