मोदी सरकार ने कारोबारियों को दी राहत, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाई- फॉर्म को बनाया और सरल
मंदी की मार झेल रहे कारोबारियों को मोदी सरकार ने थोड़ी राहत पहुंचाई है. दरअसल नई व्यवस्था के तहत माल एवं सेवाकर (जीएसटी) को केंद्र ने और सरल बनाया है. साथ ही रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को भी बढ़ा दिया है.
नई दिल्ली: मंदी की मार झेल रहे कारोबारियों को मोदी सरकार ने थोड़ी राहत पहुंचाई है. दरअसल नई व्यवस्था के तहत माल एवं सेवाकर (जीएसटी) को केंद्र ने और सरल बनाया है. साथ ही रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को भी बढ़ा दिया है. माना जा रहा है कि जीएसटी (GST) के दो साल पूरे होने के बावजूद भी इसमें कर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या लगातार अस्थिर बनी हुई है. जिसके चलते यह फैसला लिया गया है.
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिकारिक बयान के मुताबिक सरकार ने आज वित्त वर्ष 2017-18 के लिए फॉर्म ‘जीएसटीआर-9 (वार्षिक रिटर्न)’ और फॉर्म ‘जीएसटीआर-9सी (मिलान स्टेटमेंट) दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2019 तथा वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2020 कर दी. सरकार ने इन फॉर्मों में विभिन्न प्रविष्टियों को वैकल्पिक बनाकर इन्हें आसान बनाने का भी निर्णय लिया है. जीएसटी पंजीकरण के साथ आधार को जोड़ने पर सैद्धांतिक निर्णय
केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने ‘जीएसटीआर-9 (वार्षिक रिटर्न)’ और ‘जीएसटीआर-9सी (मिलान स्टेटमेंट) के सरलीकरण से संबंधित संशोधनों को अधिसूचित किया, जिसके तहत अन्य बातों के अलावा करदाताओं को वित्त वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 के लिए कच्चे माल, कच्चे माल से जुड़ी सेवाओं एवं पूंजीगत सामान पर लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट को अलग-अलग उपलब्ध न कराने तथा उत्पादन (आउटपुट), इनपुट (कच्चा माल), आदि के एचएसएन स्तर से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध न कराने की अनुमति दे दी गई है.
सीबीआईसी ने उम्मीद जताई है कि इन बदलावों के साथ-साथ रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथियां बढ़ा देने से सभी जीएसटी करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2017-18 और वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अपने-अपने वार्षिक रिटर्न और मिलान स्टेटमेंट को समय पर दाखिल करना संभव हो जाएगा. जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9सी दाखिल करने में करदाताओं को हो रही मुश्किलों के संबंध में विभिन्न ज्ञापन प्राप्त हुए थे, जिन पर सरकार ने सकारात्मक कदम उठाए हैं.
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9सी दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2019 थी. वहीं, वित्त वर्ष 2018-19 के लिए जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9सी दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2019 थी. सभी नियम आज से लागू हो गए है.
जीएसटी संग्रह अक्टूबर में 5.29 प्रतिशत घटकर 95,380 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. जबकि जीएसटी संग्रह बीते महीने सितंबर में पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 2.67 फीसदी घटकर 91,916 करोड़ रुपये रह गया. जबकि मासिक जीएसटी संग्रह फिर एक लाख करोड़ रुपये से कम पर आ गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 14, 2019 05:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

