तीनों सेनाओं में बढ़ेगा तालमेल और अनुशासन! भारत सरकार ने लागू किया इंटर-सर्विस अधिनियम 2023
भारत सरकार ने 'इंटर-सर्विस ऑर्गनाइजेशंस अधिनियम 2023' के तहत बनाए गए नियम लागू कर दिए हैं. यह नियम तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता को सुनिश्चित करेंगे. अब कमांडर, सभी सैन्य कर्मियों पर प्रभावी नियंत्रण रख सकेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी.
Inter-Services Organisation Act 2023: सरकार ने 27 मई 2025 से 'इंटर-सर्विस ऑर्गनाइजेशंस (कमांड, कंट्रोल और अनुशासन) अधिनियम 2023' के अंतर्गत बनाए गए नियमों को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है. यह कदम सशस्त्र बलों (थल सेना, वायु सेना और नौसेना) के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने और संयुक्त कमांड प्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है.
क्या है यह कानून?
यह अधिनियम संसद के मानसून सत्र 2023 में पास हुआ था और राष्ट्रपति की मंजूरी 15 अगस्त 2023 को मिली थी. इसके बाद 10 मई 2024 से यह कानून लागू हुआ. अब इसके तहत नियम (Rules) भी अधिसूचित कर दिए गए हैं, जिससे यह पूरी तरह से लागू हो गया है.
क्यों लाया गया यह कानून?
इस कानून का मकसद यह है कि जब तीनों सेनाएं एक साथ किसी ऑपरेशन या कार्य में जुटी हों, तो उनके बीच कमांड, अनुशासन और प्रशासन को लेकर किसी तरह की उलझन न हो. इससे इंटर-सर्विस ऑर्गनाइजेशंस (ISOs) के संचालन में स्पष्टता और कुशलता आएगी.
क्या बदलाव होंगे?
एकीकृत कमांड व्यवस्था – अब ISOs के कमांडर-इन-चीफ और अधिकारी उन सभी जवानों पर नियंत्रण रख सकेंगे, जो उनके अंतर्गत सेवा दे रहे हैं – चाहे वे किसी भी सैन्य शाखा (Army, Navy, Air Force) से हों.
अनुशासन और प्रशासन में सुधार – हर यूनिट में अलग-अलग प्रक्रिया के बजाय अब एक साझा और स्पष्ट प्रक्रिया के तहत अनुशासनात्मक मामले निपटाए जा सकेंगे.
कानूनी और प्रशासनिक स्पष्टता – इससे न केवल काम में तेजी आएगी बल्कि एक ही मामले में अलग-अलग प्रक्रिया दोहराए जाने जैसी दिक्कतें भी दूर होंगी.
सेना की कार्यक्षमता में इजाफा – यह नियम सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल को बेहतर बनाएंगे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों को और मजबूती मिलेगी.
Government has notified the Rules under Inter-Services Organisations (Command, Control & Discipline) Act 2023. This marks the full operationalisation of the Act, empowering Commanders-in-Chief and Officers-in-Command of ISOs with authority over personnel from all three services…
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) May 28, 2025
खास बात
इस कानून और इसके नियमों के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी जवानों के अपने-अपने सेवा नियमों में कोई बदलाव न हो, लेकिन फिर भी उनके अनुशासन और प्रशासन को एक संयुक्त ढांचे के तहत नियंत्रित किया जा सके.
इस अधिनियम और उसके अंतर्गत लागू हुए नियमों से भारतीय सशस्त्र बलों को एक मजबूत संयुक्त कमांड व्यवस्था मिलेगी, जो भविष्य में युद्ध, आपदा या सुरक्षा अभियानों में बेहद उपयोगी साबित होगी. यह न केवल देश की सैन्य शक्ति को संगठित करेगा, बल्कि कार्यकुशलता और अनुशासन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी लाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on May 28, 2025 10:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

