पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी परियोजनाओं को पूरा करने पर सरकार का जोर: विदेश मंत्री जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को मिजोरम के आइजोल में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि नरेंद्र मोदी सरकार क्षेत्र में रणनीतिक रूप से प्रमुख लंबित कनेक्टिविटी परियोजनाओं को पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है.
नई दिल्ली, 11 अप्रैल : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को मिजोरम के आइजोल में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि नरेंद्र मोदी सरकार क्षेत्र में रणनीतिक रूप से प्रमुख लंबित कनेक्टिविटी परियोजनाओं को पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है. पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया को संबोधित करते हुए, एस जयशंकर ने बताया कि कैसे सरकार मिजोरम से सड़क के माध्यम से म्यांमार के सिटवे बंदरगाह तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है. विदेश मंत्री ने कहा,"अभी इसमें कुछ समस्याएं आ रही हैं. लेकिन इस सड़क का निर्माण पूरा करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है. हम बांग्लादेश और म्यांमार के साथ और अधिक निकटता चाहते हैं.”
सितवे बंदरगाह का निर्माण कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (केएमटीटीपी) के हिस्से के रूप में भारत सरकार की सहायता के तहत किया गया है. इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत से म्यांमार तक पूर्वी बंदरगाहों से कार्गो के शिपमेंट के लिए एक मल्टी-मॉडल समुद्र, नदी और सड़क परिवहन गलियारा बनाना है. सड़क परियोजना के पूरा होने से भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी. यह भी पढ़े : चुनावों में दक्षिण में भाजपा के ‘अनुकरणीय’ प्रदर्शन का दावा उसके दुष्प्रचार तंत्र का नतीजा: शशि थरूर
जयशंकर ने कहा,"जब 'एक्ट ईस्ट' नीति की बात आती है, तो इसका एक हिस्सा म्यांमार है. हम म्यांमार तक पहुंच के दो रास्ते विकसित कर रहे हैं, एक मिजोरम से सितवे तक और दूसरा मणिपुर से त्रिपक्षीय राजमार्ग तक. मौजूदा स्थिति में म्यांमार के साथ काम बहुत कठिन रहा है, लेकिन हम विभिन्न समूहों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं. जयशंकर ने यह भी उल्लेख किया कि 'एक्ट ईस्ट' को आगे बढ़ाने का दूसरा रास्ता बांग्लादेश के माध्यम से है. कलादान नदी पर मल्टीमॉडल पारगमन परिवहन केंद्र सिटवे बंदरगाह को म्यांमार में पलेतवा से जोड़ता है.
एक बार पूरी तरह से चालू होने के बाद, केएमटीटीपी न केवल निवेश और व्यापार को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि चारों ओर से जमीन से घिरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी के लिए वैकल्पिक मार्ग भी खोलेगा. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि ये महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना भारत के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के लिए प्रवेश द्वार खोलती है और पड़ोसी क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने में प्रमुख भूमिका निभाएगी. जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार का 10 साल का कार्यकाल शानदार रहा, इसलिए मुझे उम्मीद है कि मिजोरम के लोग लोकसभा में ऐसा प्रतिनिधि भेजेंगे, जो पीएम मोदी के हाथों को मजबूत करेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2024 04:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

