Girish Mahajan Viral Photo Row: AI से बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल होने पर मंत्री गिरीश महाजन ने दर्ज कराई शिकायत, साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि यदि उनके पास इस तरह की वायरल तस्वीरें मौजूद हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें. पुलिस ने कहा है कि ऐसी सामग्री को आगे साझा करने वाले लोग भी जांच के दायरे में आ सकते हैं. फिलहाल साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है और वायरल तस्वीरों के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है.

Girish Mahajan Viral Photo Row: महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपनी कथित आपत्तिजनक तस्वीरों को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. मंत्री का आरोप है कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी और मॉर्फ्ड तस्वीरें तैयार की गईं और सोशल मीडिया पर प्रसारित की गईं.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जलगांव साइबर पुलिस स्टेशन में औपचारिक मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने तस्वीरों के स्रोत और उन्हें वायरल करने वालों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है.

फेसबुक अकाउंट से शुरू हुआ विवाद

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, एक फेसबुक अकाउंट से मंत्री गिरीश महाजन की एक युवती के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक और एडिट की गई तस्वीरें पोस्ट की गई थीं. तस्वीरों के वायरल होने के बाद साइबर विशेषज्ञों ने उनकी जांच की, जिसमें AI आधारित मॉर्फिंग और डीपफेक तकनीक के इस्तेमाल के संकेत मिले.

गिरीश महाजन ने लोगों से की अपील

मंत्री गिरीश महाजन ने इस पूरे मामले को राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि खराब करने की साजिश बताया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी सामग्री पर बिना सत्यापन विश्वास न करें.

महाजन ने कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर फर्जी और मॉर्फ्ड तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं. उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि किसी भी तस्वीर या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें.

गिरीश महाजन ने कहा कि उनकी मॉर्फ्ड तस्वीरें फैलाई जा रही हैं

जांच से जुड़ी प्रमुख जानकारी इस प्रकार है:

जांच से जुड़ी जानकारी स्थिति
शिकायत दर्ज स्थान साइबर पुलिस स्टेशन, जलगांव
जांच का मुख्य प्लेटफॉर्म फेसबुक अकाउंट
इस्तेमाल की गई तकनीक AI मॉर्फिंग / डीपफेक
जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक सतीश गोरड़े
संभावित धाराएं मानहानि, मॉर्फिंग और साइबर अपराध

पुलिस निरीक्षक सतीश गोरड़े ने बताया कि डिजिटल फॉरेंसिक टीम संदिग्ध प्रोफाइल से जुड़े IP एड्रेस और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

गिरीश महाजन ने वायरल तस्वीरों पर बयान जारी किया

डीपफेक तकनीक बनी नई चुनौती

महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में डीपफेक और AI आधारित फर्जी कंटेंट के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए मॉर्फ्ड तस्वीरें या वीडियो बनाना और प्रसारित करना गंभीर अपराध है. कानून के तहत ऐसे मामलों में कठोर दंड, गैर-जमानती धाराएं और जेल की सजा का प्रावधान है.

प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि यदि उनके पास इस तरह की वायरल तस्वीरें मौजूद हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें. पुलिस ने कहा है कि ऐसी सामग्री को आगे साझा करने वाले लोग भी जांच के दायरे में आ सकते हैं. फिलहाल साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है और वायरल तस्वीरों के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है.

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