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गढ़चिरौली में बाढ़ का कहर: एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची, ग्रामीणों ने खाट पर गर्भवती महिला को कांवड़ के सहारे पहुंचाया अस्पताल; VIDEO

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में भारी बारिश और बाढ़ के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. इसके बाद ग्रामीणों ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही 26 वर्षीय महिला को खाट और कांवड़ के सहारे उफनते नाले को पार कराया. हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का दावा किया है.

गढ़चिरौली में बाढ़ का कहर: एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची, ग्रामीणों ने खाट पर गर्भवती महिला को कांवड़ के सहारे पहुंचाया अस्पताल; VIDEO

Gadchiroli News:  महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. एटापल्ली तहसील के कोइंदुल गांव में लगातार भारी बारिश के कारण सड़कें और नाले जलमग्न हो गए, जिससे एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. प्रसव पीड़ा से तड़प रही 26 वर्षीय गर्भवती महिला छाया सुरेश नैताम को ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर खाट के सहारे उफनता नाला पार कराया और एंबुलेंस तक पहुंचाया.

गांव में पुल और पक्की सड़क का अभाव

कोइंदुल गांव के निवासियों के अनुसार, गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पक्की सड़क और नाले पर पुल नहीं होने के कारण हर मानसून में संपर्क टूट जाता है. शुक्रवार सुबह जब छाया नैताम को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो परिजनों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया.

गढ़चिरौली में बाढ़ का कहर

रास्ते में भारी जलभराव और उफनते नाले के कारण एंबुलेंस गांव में प्रवेश नहीं कर सकी और नाले के दूसरे छोर पर ही रुक गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय युवाओं ने बिना समय गंवाए महिला को खाट (कांवड़ स्ट्रेचर) पर लिटाया और उफनते पानी के बीच से सुरक्षित रास्ता पार कराया.

अस्पताल में भर्ती और बेहतर इलाज के लिए रेफर

नाले को पार कराने के बाद सुबह करीब 9:00 बजे महिला को एंबुलेंस में बैठाया गया और कसनसुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला में हीमोग्लोबिन की गंभीर कमी और जोखिम स्थिति को देखते हुए सुबह 11:30 बजे आगे के इलाज के लिए एटापल्ली मार्ग से हेडरी स्थित एलकेएएम (LKAM) अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया.

स्वास्थ्य विभाग की सफाई और त्वरित कार्रवाई का दावा

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद जिला स्वास्थ्य प्रशासन हरकत में आया. जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) डॉ. प्रताप शिंदे ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि विभाग को सूचना मिलते ही स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को तुरंत रवाना कर दिया गया था.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्थानीय आशा कार्यकर्ता निर्मला नरोटे और एएनएम चंद्रकला सिदाम लगातार मरीज के संपर्क में थीं. रास्ते में जलभराव की वजह से एंबुलेंस नाले के पास सुबह 8:30 बजे पहुंच गई थी. स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के आपसी समन्वय से महिला को सुरक्षित एंबुलेंस तक पहुंचाया गया और इलाज में कोई गंभीर देरी नहीं होने दी गई.

ग्रामीणों में स्थायी समाधान न होने पर रोष

हालांकि प्रशासन त्वरित सहायता देने का दावा कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब आपात स्थिति में ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी-नाले पार करने पड़ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के कई दशकों बाद भी पक्की सड़क और पुल न होने के कारण मानसून के मौसम में इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान करते हुए गांव में जल्द से जल्द पक्की सड़क और नाले पर पुल का निर्माण कराया जाए.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2026 03:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).