नई दिल्ली: चेन्नई और यूएस स्थित आईटी कंपनी फ्रेशवर्क्स ने बुधवार को अपने वैश्विक कार्यबल में 13 प्रतिशत की कमी करने का ऐलान किया है. इस निर्णय के तहत कुल 660 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा. कंपनी के सीईओ और प्रेसिडेंट डेनिस वुडसाइड ने कर्मचारियों को एक ईमेल में यह जानकारी दी. अधिकतर प्रभावित कर्मचारी भारत में स्थित हैं, जो कंपनी के कुल 5000 कर्मचारियों में से एक बड़ी संख्या का हिस्सा हैं.
क्या है कंपनी का पुनर्गठन योजना?
फ्रेशवर्क्स ने नवंबर 2024 में अपनी पुनर्गठन योजना की घोषणा की थी. इस योजना का उद्देश्य कंपनी के रणनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप अपनी कार्यबल को बेहतर तरीके से संरेखित करना और परिचालन क्षमता में सुधार करना है. इस पुनर्गठन से कंपनी को 2024 की चौथी तिमाही में 11 से 13 मिलियन डॉलर तक के खर्च का सामना करना पड़ सकता है. इनमें कर्मचारियों को अलग करने से जुड़े भुगतान और अन्य संबंधित खर्चे शामिल हैं.
भारत और यूएस में कर्मचारियों पर असर
इस निर्णय का सबसे अधिक असर भारत और यूएस में हुआ है. भारत में फ्रेशवर्क्स के लगभग 500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है, जो कंपनी के भारतीय कार्यबल का 12 प्रतिशत है. वहीं, यूएस में यह संख्या लगभग 16 प्रतिशत है. यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में भी कर्मचारियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है, हालांकि वहां के स्थानीय कानूनों के चलते यह प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो सकती है.
#Freshworks announced plans to #Layoff 13% of its workforce, equating to 660 employees globally.
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— Mint (@livemint) November 7, 2024
फ्रेशवर्क्स का दृष्टिकोण और कर्मचारियों के लिए सहायता
फ्रेशवर्क्स के सीईओ डेनिस वुडसाइड ने कहा कि यह निर्णय किसी भी कंपनी के लिए आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें कर्मचारियों के जीवन पर असर पड़ता है. उन्होंने इस फैसले के पीछे की वजह को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कदम कंपनी के भविष्य के लिए आवश्यक था, जिससे वे अपने रणनीतिक लक्ष्यों जैसे कर्मचारी अनुभव (EX), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ग्राहक अनुभव (CX) पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें.
निकाले गए कर्मचारियों को वित्तीय, चिकित्सा और करियर समर्थन प्रदान किया जाएगा, जिसमें सेवानिवृत्ति लाभ, हेल्थकेयर कवर और करियर ट्रांजिशन सहायता शामिल है.
वित्तीय स्थिति और भविष्य की दिशा
फ्रेशवर्क्स ने 2024 की तीसरी तिमाही में $30 मिलियन का कम शुद्ध घाटा रिपोर्ट किया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में $31 मिलियन था. कंपनी का कुल राजस्व 22 प्रतिशत बढ़कर $186.6 मिलियन हो गया. कंपनी ने हाल ही में अपने नए उत्पाद Freddy AI Agent की घोषणा की, जो ग्राहक और कर्मचारी अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
हालांकि, कंपनी का शेयर मूल्य अब भी $13 के आसपास है, जो 2021 में $43.5 के उच्चतम स्तर से काफी गिर चुका है. इसका कारण कंपनी के परिणामों में असंतोषजनक प्रदर्शन और कम मार्जिन बताया जा रहा है.
फ्रेशवर्क्स के लिए एक लंबा सफर
फ्रेशवर्क्स के लिए यह सफर आसान नहीं रहा है. 2021 में नास्डैक पर सूचीबद्ध होने के बाद से कंपनी के शेयर मूल्य में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है. 2023 में, कंपनी ने कुल 875 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, और यह तीसरी बार है जब कंपनी ने कर्मचारियों की छंटनी का निर्णय लिया है.
कंपनी के नए सीईओ डेनिस वुडसाइड के नेतृत्व में फ्रेशवर्क्स ने पुनर्गठन की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. अब कंपनी अपने वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने और स्टॉक की कीमत को उबारने के लिए काम कर रही है, जिससे भविष्य में कंपनी की स्थिति मजबूत हो सके.