Flipkart Food Delivery: जोमैटो और स्विगी को चुनौती, भारत के फूड डिलीवरी बाजार में 15 अगस्त से उतरेगा फ्लिपकार्ट; रेस्टोरेंट्स से लेगा सिर्फ 10% कमीशन

ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट 15 अगस्त के आसपास बेंगलुरु से फूड डिलीवरी क्षेत्र में कदम रखने जा रही है. कंपनी रेस्टोरेंट्स से महज 10% कमीशन लेने की योजना बना रही है, जो मौजूदा प्लेटफॉर्म्स की तुलना में काफी कम है.

(Photo Credits Pixabay)

 Flipkart Food Delivery: वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट भारत के फूड डिलीवरी बाजार में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है. कंपनी 15 अगस्त 2026 के आसपास बेंगलुरु से अपनी फूड डिलीवरी सेवा की शुरुआत कर सकती है. इस नई सेवा के लिए फ्लिपकार्ट ने बेंगलुरु में रेस्टोरेंट पार्टनर्स को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ना (Onboarding) शुरू कर दिया है. वर्तमान में भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी क्षेत्र मुख्य रूप से जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) के वर्चस्व में है.

बाजार के सूत्रों के मुताबिक, फ्लिपकार्ट रेस्टोरेंट्स को लगभग 10 प्रतिशत कमीशन की पेशकश कर रही है. यह दर मौजूदा फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स द्वारा वसूले जाने वाले 16 से 30 प्रतिशत कमीशन की तुलना में काफी कम है. कंपनी की इस रणनीति का उद्देश्य रेस्टोरेंट्स की परिचालन लागत घटाकर उन्हें अपने प्लेटफॉर्म की ओर आकर्षित करना है.  यह भी पढ़े: Zomato Platform Fees Hike: जोमैटो से खाना मंगाना हुआ महंगा, कंपनी ने ऑनलाइन ऑर्डर पर फिर बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस

ONDC नेटवर्क पर आधारित होगी सेवा

पारंपरिक फूड डिलीवरी कंपनियों के विपरीत, फ्लिपकार्ट अपनी इस सेवा को सरकार समर्थित ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के माध्यम से संचालित करेगी. एक बंद मार्केटप्लेस बनाने के बजाय, कंपनी इस खुले डिजिटल नेटवर्क का उपयोग करेगी जिससे सेवा का विस्तार तेजी से किया जा सकेगा.

अन्य शहरों में विस्तार करने से पहले बेंगलुरु में इस सेवा का पायलट परीक्षण (Pilot Launch) किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार, फ्लिपकार्ट समूह के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ आशीष विजयवर्गीय इस फूड डिलीवरी पहल की अगुवाई कर रहे हैं. हालांकि, फ्लिपकार्ट ने इस लॉन्च योजना पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है.

रैपिडो के 'ऑनली' और ओएनडीसी से बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

फूड डिलीवरी क्षेत्र में फ्लिपकार्ट का यह कदम ऐसे समय में आया है जब हाल ही में रैपिडो (Rapido) ने बेंगलुरु में अपने 'ऑनली' (Ownly) प्लेटफॉर्म का विस्तार किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैपिडो का प्लेटफॉर्म करीब 25,000 रेस्टोरेंट्स के साथ प्रतिदिन 40,000 से अधिक ऑर्डर पूरे कर रहा है. रैपिडो ने शून्य-कमीशन मॉडल पेश कर खुद को स्थापित किया है.

इसी तर्ज पर फ्लिपकार्ट भी कम कमीशन दर की पेशकश कर रही है. यद्यपि फ्लिपकार्ट ने कमीशन पूरी तरह समाप्त नहीं किया है, लेकिन 10 प्रतिशत की कम दर से कई रेस्टोरेंट मालिक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने में रुचि दिखा रहे हैं.

चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

हाल ही में फ्लिपकार्ट समूह के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने पुष्टि की थी कि कंपनी चरणबद्ध तरीके से फूड डिलीवरी क्षेत्र में प्रवेश करेगी. उन्होंने बताया था कि सेवा को पहले सीमित उपयोगकर्ताओं के बीच टेस्ट किया जाएगा ताकि ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर सुधार किया जा सके.

उपयोगकर्ता मुख्य फ्लिपकार्ट ऐप के साथ-साथ एक समर्पित स्टैंडअलोन ऐप (Standalone App) के माध्यम से भी भोजन ऑर्डर कर सकेंगे.

जोमैटो और स्विगी के लिए नई चुनौती

फ्लिपकार्ट के इस कदम से भारतीय फूड डिलीवरी बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है. हालांकि स्विगी ने हाल ही में अत्यधिक कम कमीशन मॉडल की दीर्घकालिक स्थिरता पर सवाल उठाए थे, लेकिन उसने भी प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कम लागत वाली सेवाएं शुरू की हैं. रैपिडो के आक्रामक विस्तार और फ्लिपकार्ट के आगामी प्रवेश के साथ, आने वाले महीनों में रेस्टोरेंट पार्टनरशिप और ग्राहकों को लुभाने की होड़ और दिलचस्प हो जाएगी.

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