Bangla Sahib Entry Row: गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद में अरविंद केजरीवाल और आप नेताओं पर FIR; डीएसजीएमसी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, आप ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में कथित हंगामे और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पार्टी विधायकों और अन्य नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है.
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब में कथित प्रवेश और हंगामे को लेकर राजनीतिक और धार्मिक विवाद गहरा गया है. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस ने सोमवार, 12 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई गई सीसीटीवी और सोशल मीडिया वीडियो फुटेज को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
डीएसजीएमसी का आरोप: 'गुरु घर' का राजनीतिक इस्तेमाल और भ्रामक वीडियो
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए गुरुद्वारे का सहारा लिया:
- परिसर में हंगामा और नारेबाजी: द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि 'आप' समर्थकों ने पवित्र स्थल के भीतर राजनीतिक नारेबाजी की, जिससे 'गुरु घर' की मर्यादा और धार्मिक माहौल को ठेस पहुंची.
- तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना: प्रबंधन ने आरोप लगाया कि 'आप' नेताओं और विधायकों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और छेड़छाड़ की गई वीडियो प्रसारित कर गुरुद्वारा कमेटी और पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया.
आम आदमी पार्टी का पलटवार: 'पुलिस ने जूते पहनकर मर्यादा तोड़ी'
आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है:
- 'सिख मर्यादा का उल्लंघन': 'आप' के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने सिर ढके बिना और जूते पहने हुए गुरुद्वारा बंगला साहिब और उसकी सराय में जबरन प्रवेश किया. उन्होंने इसकी तुलना 1984 के दर्दनाक घटनाक्रमों से करते हुए कहा कि इससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं.
- गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग: धालीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पुलिसिया कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की वकालत की. उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार और सिख संस्थाओं से भी इस घटना का संज्ञान लेने की अपील की.
- अकाली दल और एसजीपीसी पर सवाल: 'आप' विधायक बलजिंदर कौर ने 10 अक्टूबर को 'काला दिन' बताते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए यातायात और मेट्रो सेवाएं तक बाधित की गईं. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए.
- ऐतिहासिक संदर्भ: विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि यह वही पावन स्थल है जहां आठवें पातशाह श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने 1664 की महामारी के दौरान पीड़ितों की सेवा की थी, और ऐसे स्थान पर पुलिस का अनियंत्रित व्यवहार अक्षम्य है.
दिल्ली पुलिस ने दी सफाई, वीडियो फुटेज की फॉरेंसिक जांच जारी
विवाद तूल पकड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया था कि सुरक्षाकर्मी केवल सार्वजनिक मार्ग (कॉमन पैसेज) तक गए थे और उन्होंने मुख्य दरबार हॉल में कोई दखल नहीं दिया:
- एफआईआर दर्ज: पुलिस ने डीएसजीएमसी की लिखित तहरीर के आधार पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, शांति भंग करने और भ्रामक सामग्री फैलाने से जुड़ी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है.
- साक्ष्यों की जांच: अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी मूल वीडियो और सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि परिसर में किसने मर्यादा का उल्लंघन किया और सोशल मीडिया पर क्या गलत संदेश फैलाया गया.