Kota Shocker: घरवालों ने सिगरेट पीने से रोका, 18 साल के युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी; राजस्थान के कोटा की घटना
(Photo Credits Twitter)

Kota 12th Student Suicide: राजस्थान के कोटा जिले से एक हैरान कर देने वाली दुखद घटना सामने आई है. यहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 18 साल के छात्र अथर्व सक्सेना ने आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि उसे सिगरेट पीने को लेकर परिवार ने डांट लगाई थी, जिससे वह इतना आहत हुआ कि उसने अपनी जान दे दी. अथर्व मूल रूप से बूंदी जिले का रहने वाला था और कोटा के प्रतापनगर इलाके में किराए के मकान में अपनी मां और छोटे भाई के साथ रह रहा था. उसके पिता बूंदी में किराने की दुकान चलाते हैं और सप्ताह में एक दिन कोटा आकर परिवार से मिलते थे.

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छत के पंखे से लटककर फांसी लगा ली

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार की रात अथर्व ने अपने कमरे में छत के पंखे से लटककर फांसी लगा ली. जब परिवार को शक हुआ कि वह कमरे से बाहर नहीं आया, तो उन्होंने दरवाजा तोड़ा और देखा कि वह फंदे से झूल रहा था. तुरंत उसे एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

सिगरेट पीने को लेकर डांट से दुखी था

मामले की जांच कर रहे सर्कल इंस्पेक्टर देवेश भारद्वाज ने बताया कि अथर्व के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. इस नोट में उसने किसी को अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया, लेकिन लिखा है कि वह सिगरेट पीने को लेकर परिजनों की डांट से बेहद दुखी था. उसने सुसाइड नोट में लिखा, "मैंने कभी धूम्रपान नहीं किया, लेकिन फिर भी मुझ पर शक किया गया.''

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब पुलिस सुसाइड नोट और परिवारजनों के बयानों के आधार पर आगे की जांच कर रही है.

घटना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि हम अपने बच्चों से संवाद कैसे करते हैं, यह बेहद अहम होता है. हर गलती पर कठोरता बरतने की बजाय उनके साथ बैठकर बात करना, समझना और विश्वास करना जरूरी है. कभी-कभी एक छोटी बात, बड़ा असर छोड़ जाती है.

आत्महत्या रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर:

टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय) – 14416 या 1800 891 4416; निमहंस – + 91 80 26995000 /5100 /5200 /5300 /5400; पीक माइंड – 080-456 87786; वंद्रेवाला फाउंडेशन – 9999 666 555; अर्पिता आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन – 080-23655557; आईकॉल – 022-25521111 और 9152987821; सीओओजे मेंटल हेल्थ फाउंडेशन (सीओओजे) – 0832-2252525।

आसरा (मुंबई) 022-27546669, स्नेहा (चेन्नई) 044-24640050, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, कूज (गोवा) 0832- 2252525, जीवन (जमशेदपुर) 065-76453841, प्रतीक्षा (कोच्चि) 048-42448830, मैत्री (कोच्चि) 0484-2540530, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)