नई दिल्ली: मोदी सरकार की महत्वकांशी योजना ‘सागरमाला’ का किसी ने फर्जी वेबसाइट बना डाला है. इस्तना ही नहीं इस वेबसाइट पर लोगों से नौकरी के लिए आवेदन भी मांगे जा रहे है. इसका खुलासा खुद शिपिंग मंत्रालय ने खुलासा किया है. साथ ही लोगों को इस तरह के गलत एवं भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ आगाह रहने के लिए कहा है.
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि “एक फर्जी वेबसाइट लिंक नौकरी तलाश रहे लोगों के साथ-साथ ‘सागरमाला’ कार्यक्रम के अन्य वास्तविक हितधारकों को भी ईमेल के जरिए भेजा जा रहा है. यह फर्जी वेबसाइट कमोबेश सागरमाला की मूल वेबसाइट जैसी ही प्रतीत होती है और इसमें अभियंता प्रशिक्षु एवं डिप्लोमा प्रशिक्षु की भर्ती के बारे में एक भ्रामक विज्ञापन दिया गया है.”
शिपिंग मंत्रालय ने कहा इस तरह की धोखाधड़ी, गलतबयानी, जालसाजी और मनगढंत जानकारी देना या छल करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं भारतीय दंड संहिता के तहत स्पष्ट उल्लंघन है, जैसा कि इस मामले में पाया गया है. इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले समस्त निकायों या संस्थाओं के खिलाफ त्वरित एवं कड़ी आपराधिक कार्रवाई शुरू की जा रही है.
सागरमाला सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य देश में बंदरगाहों की अगुवाई में विकास की गति तेज करना है. इसके तहत देश के सभी बड़े बंदरगाहों को सड़क, रेल तथा जल मार्ग से जोड़ना है. रिपोर्ट में अनुमान व्यक्त किया गया है कि इस कार्यक्रम से लॉजिस्टिक्स लागत में तकरीबन 35,000 करोड़ रुपये की सालाना बचत संभव हो सकती है. यही नहीं, लगभग 1 करोड़ नये रोजगार सृजित होने का अनुमान है, जिनमें से 40 लाख प्रत्यक्ष रोजगार होंगे.













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