Fact Check: बिना ऑपरेशन पेट दबाकर हाथ से निकाल दी किडनी स्टोन? जानिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का मेडिकल सच

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक डॉक्टर ने बिना किसी चीर-फाड़, सर्जरी या टांके के महज हाथों के दबाव से मरीज के पेट से बड़ी किडनी स्टोन बाहर निकाल दी. चिकित्सा विशेषज्ञों और वैज्ञानिक जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और चिकित्सकीय रूप से असंभव पाया गया है.

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर 'जादुई इलाज' और बिना सर्जरी जटिल बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाले भ्रामक वीडियोज की बाढ़ थमने का नाम नहीं ले रही है. हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित डॉक्टर मरीज के पेट पर हाथों से दबाव डालकर एक बड़ा पथरी जैसा टुकड़ा बाहर निकालता दिखाई देता है.

LatestLY की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के अनुसार, यह दावा चिकित्सकीय रूप से पूरी तरह निराधार और वैज्ञानिक तथ्यों के खिलाफ है. चिकित्सा विज्ञान में ऐसा कोई तरीका मौजूद नहीं है, जिससे त्वचा को दबाकर किडनी के भीतर की पथरी बाहर निकाली जा सके. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या भारत में बंद होने जा रहा है इंस्टाग्राम? पीएम मोदी के फैसले का दावा करने वाली वायरल रील की PIB ने बताई सच्चाई

क्या है वायरल वीडियो का दावा?

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जा रहे वीडियो में एक व्यक्ति डॉक्टर के भेष में मरीज के पेट को अपने दोनों हाथों से दबाता नजर आता है:

'डॉक्टर' बिना सर्जरी या चीरा लगाए, सिर्फ हाथ के दबाव से किडनी की पथरी निकाली?

हाथ के दबाव से क्यों नहीं निकल सकती पथरी? समझें मेडिकल एनाटॉमी

The Week के स्वास्थ्य विश्लेषण में यूरोलॉजिस्ट्स ने स्पष्ट किया है कि मानव शरीर की बनावट ऐसी किसी प्रक्रिया की अनुमति नहीं देती:

किडनी स्टोन के वास्तविक और प्रमाणित इलाज

आधुनिक चिकित्सा पद्धति में गुर्दे की पथरी के आकार और स्थिति के आधार पर ही उपचार तय किया जाता है:

नीम-हकीमों और सोशल मीडिया नुस्खों से रहें सावधान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर वायरल होने वाले ऐसे जादुई दावों के चक्कर में पड़ना जानलेवा हो सकता है. अप्रशिक्षित व्यक्तियों या झोलाछाप तांत्रिकों से पेट दबवाने से आंतरिक रक्तस्राव, संक्रमण और आंतों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. गुर्दे में दर्द या पथरी की समस्या होने पर तुरंत किसी योग्य यूरोलॉजिस्ट या नेफ्रोलॉजिस्ट से संपर्क कर अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन के आधार पर ही उपचार कराना चाहिए.

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