Fact Check: क्या BRICS Summit खत्म होने से पहले दिल्ली में हुआ धमाका और मारे गए 8 लोग? PIB ने वायरल दावे को बताया पूरी तरह फर्जी
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक भयानक विस्फोट और 8 लोगों की मौत का दावा करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हुआ। पत्र सूचना कार्यालयकी फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे की पड़ताल कर इसे पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत करार दिया है. पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो पुराना है और इसका नई दिल्ली में संपन्न हुए ब्रिक्स सम्मेलन से कोई संबंध नहीं है.
नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सनसनी और भ्रम फैलाने के उद्देश्य से किए जा रहे एक फर्जी दावे का सरकारी जांच एजेंसी ने पर्दाफाश किया है। इंटरनेट पर प्रसारित संदेशों में दावा किया जा रहा था कि नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के औपचारिक समापन से कुछ ही मिनट पहले एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई.
इस दावे के साथ एक विचलित करने वाला वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर साझा किया जा रहा था. भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्यरत प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट (PIB Fact Check) ने इस वायरल दावे की जांच की और इसे सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह फर्जी (Fake) घोषित कर दिया है.
क्या था सोशल मीडिया पर किया गया वायरल दावा?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों के बीच कई असत्यापित सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा एक भ्रामक संदेश प्रसारित किया गया:
- दावे की सामग्री: पोस्ट में लिखा गया था कि ब्रिक्स नेताओं के सम्मेलन के समापन से ऐन पहले राजधानी में एक बड़ा धमाका हुआ है, जिसमें 8 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।
- वीडियो का सहारा: घटना को ताजा और वास्तविक दिखाने के लिए एक जलती हुई गाड़ी और अफरातफरी का वीडियो क्लिप भी साथ में जोड़ा गया था, जिससे आम लोगों में दहशत का माहौल बन सके।
दिल्ली धमाके का वायरल वीडियो - फैक्ट चेक: ब्रिक्स समिट खत्म होने से पहले 8 लोगों की मौत का दावा झूठा है
PIB Fact Check की पड़ताल: पुराना वीडियो जोड़कर फैलाया गया झूठ
पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने डिजिटल फॉरेंसिक और वीडियो वेरिफिकेशन के जरिए सच्चाई सामने रखी:
- पुराना और असंबंधित वीडियो: एजेंसी ने पुष्टि की कि जो वीडियो क्लिप प्रसारित की जा रही है, वह काफी पुरानी है और किसी पूर्व की घटना से संबंधित है.
- समिट के दौरान कोई घटना नहीं: 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की कोई अप्रिय घटना या विस्फोट नहीं हुआ.
- एजेंसी ने स्पष्ट किया कि असामाजिक तत्वों और प्रोपेगैंडा खातों द्वारा अंतरराष्ट्रीय आयोजन की संवेदनशीलता का फायदा उठाकर जनता में घबराहट पैदा करने के लिए यह पुरानी फुटेज रिसाइकिल की गई थी.
राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील
पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को आगाह किया है कि वे बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के समय प्रसारित होने वाली सनसनीखेज सूचनाओं पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें:
- सत्यापन जरूरी: किसी भी असंवेदनशील या सुरक्षा से जुड़े संदेश, फोटो अथवा वीडियो को फॉरवर्ड करने से पहले सरकारी सूचना माध्यमों, अधिकृत पुलिस हैंडल्स या प्रतिष्ठित समाचार पोर्टल्स से उसकी पुष्टि अवश्य कर लें.
- कार्रवाई की चेतावनी: दिल्ली पुलिस और साइबर एजेंसियां भी शांति भंग करने और अफवाहें फैलाने वाले सोशल मीडिया खातों पर नजर रख रही हैं, और आईटी नियमों के तहत भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.