दिल्ली में धूल प्रदूषण कम करने के लिए केजरीवाल सरकार का प्लान, सभी को करना होगा इन पांच दिशा-निर्देशों का पालन
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि आज दिल्ली में प्रदूषण से संबंधित हॉटस्पॉट को लेकर सभी एम.सी.डी. के 9 डिप्टी कमीशनर के साथ दिल्ली सचिवालय में ऑनलाइन मीटिंग हुई. इस मीटिंग में पर्यावरण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे. दिल्ली में प्रदूषण के कुल 13 हॉटस्पाट हैं.
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने कहा कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियों समेत दिल्ली वासियों को निर्माण स्थलों पर सरकार द्वारा जारी धूल प्रदूषण विरोधी (Anti-Dust Pollution) पांच प्रमुख निर्देशों का पालन करना होगा. उन्हें निर्माण स्थलों को टीन शेड, नेट और हरी चादरों से ढंकना होगा, पानी का नियमित छिड़काव करना होगा और निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को भी ढंकना होगा. आज से हमने दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट की माइक्रो मॉनिटरिंग शुरू कर दी है. एमसीडी के 9 डिप्टी कमिश्नरों को दिल्ली में चिंहित 13 हॉटस्पॉट का नोडल अधिकारी बनाया गया है और उन्हें 14 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक्शन प्लान बनाया जा सके.
श्री गोपाल राय ने कहा कि ग्रीन एप को लॉच करने से पहले सेंट्रल वॉर रूम और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए ट्रेनिंग का कार्य किया जा रहा है. कल दोपहर 12 बजे सीएम अरविंद केजरीवाल नरेला के हिरंकी गांव में बायो डी कंपोजर तकनीक से तैयार घोल के छिड़काव का शुभारंभ करेंगे. दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय की पहली बोर्ड बैठक के दौरान बोले सीएम केजरीवाल- हर छात्र को रोजगार दिलाना है हमारा उद्देश्य.
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली के अंदर ‘युद्ध, प्रदूषण के विरूद्ध’ अभियान चल रहा है. इसी के तहत दिल्ली सरकार एंटी डस्ट (धूल नियंत्रण) अभियान चला रही है. इस अभियान के लिए पर्यावरण विभाग (डीपीसीसी) द्वारा कुल 14 टीमें बनाई गई हैं, जो दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रहीं हैं.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि कुछ साईटों की शिकायत विभाग को मिली थी, जो मानको को पूरा किए बिना निर्माण कार्य कर रही थीं. उन साईटों का मैंने दौरा किया. खासकर के उन साईटों का जो 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा की हैं. पहले हमने फिक्की सभागार में चल रहे ध्वस्तिकरण कार्य का जायजा लिया और वहां अनियमितताएं पाए जाने पर 20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया. विभाग द्वारा कुल 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर 39 साईटों को चिंहित किया, जिसमें से 33 साईटों पर एंटी स्मॉग गन लगाए गए हैं.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि डी.डी.ए., एम.सी.डी., सेंट्रल एजेंसी, पीडब्ल्यूडी, बाढ़ नियंत्रण विभाग इत्यादि कोई भी विभाग और किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा निर्माण कार्य या ध्वस्तीकरण कार्य के लिए 5 दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है. सभी संबंधित विभाग को यह निर्देश दिए गए है कि वो यह सुनिश्चित करें कि प्रदूषण से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन हो.
धूल नियंत्रण के प्रमुख दिशा-निर्देश
- निर्माण/ध्वस्तीकरण के समय उसकी ऊंचाई से तीन गुना (अधिकतम 10 मीटर) ऊपर तक टीन का कवर लगाना होगा.
- निर्माण एवं ध्वस्त स्थल पर ग्रीन नेट/तिरपाल लगाना होगा.
- निर्माण/ध्वस्त स्थल पर पानी के छिड़काव की उचित व्यवस्था एवं धूल को दबाने के लिए पानी का लगातार छिड़काव. 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर वाली जगह के लिए एंटी स्मॉग गन लगाना जरूरी है.
- निर्माण/ध्वस्त स्थल पर अपशिष्ट पदार्थ पूरी तरह से ढंके होने चाहिए.
- कोई भी गाड़ी, जो निर्माण स्थल या घ्वस्तीकरण स्थल पर आ जा रही है, वह पूरी तरह से धुली होनी चाहिए और उसपर स्थित सामग्री ढंकी होनी चाहिए.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने विभागों एवं दिल्ली के निवासियों से अपील की है कि निर्माण कार्य में इन पांचो दिशा-निर्देशों का निश्चित रूप से पालन करे, क्योंकि यह दिल्ली के लोगों के लिए ही हितकर है और उनकों प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी.
जो निम्नलिखत हैं- मुंडका, बवाना, नरेला, रोहिणी, वजीर पुर, जहांगीरपुरी, पंजाबी, आशोक विहार, द्वारका, आनंदविहार, विवेक विहार, ओखला, आरके पुरम
इस बैठक में एम सी डी के सभी डिप्टी कमिशनर को निर्देश दिया गया कि वे इन हॉटस्पाट्स का लगातार निरीक्षण करें और माइक्रों मानिटरिंग करके प्रदूषण से संबंधित सभी पहलूओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट 14 अक्टूबर तक प्रस्तुत करें. रिपोर्ट के आधार पर एक एक्शन प्लान बनाकर सभी विभागों के साथ समन्वय करके कार्य किया जाएगा. इस मीटिंग में सभी संबंधित विभागों को हॉटस्पाटों के निरीक्षण के लिए और अधिक टीमों की नियुक्ति का आदेश दिया गया है.
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा ग्रीन एप तैयार किया जा रहा है. इसको लॉच करने से पहले सेंट्रल वॉर रूम और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए ट्रेनिंग का कार्य किया जा रहा है. पर्यावरण मंत्री ने आगे बताया कि पूसा एग्रीकल्चर इंस्ट्च्यूट के सहयोग से बायो डीकम्पोजर का घोल तैयार हो गया है, उसको दोगुना करने का कार्य शुरू हो चुका है. डीकम्पोजर से बने घोल के छिड़काव का शुभारम्भ कल (13 अक्टूबर) से माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा नरेला क्षेत्र के हिरंकी गांव में शुरू किया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 12, 2020 09:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

