Delhi School Fees: दिल्ली के निजी स्कूलों की फीस पर सरकार का शिकंजा, 2026-27 से लागू होगी नई समयसीमा
यह नया आदेश 'दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025' के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के उद्देश्य से जारी किया गया है, जो 10 दिसंबर 2025 को प्रभावी हुआ था.
Delhi School Fees: दिल्ली सरकार ने राज्य के निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए नए नियमों की समयसीमा लागू कर दी है. दिल्ली विधानसभा में पेश किए गए 'दिल्ली स्कूल शिक्षा (कठिनाइयों को दूर करना) आदेश, 2026' के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले तीन साल के ब्लॉक के लिए शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया तय की गई है.
यह नया आदेश 'दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025' के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के उद्देश्य से जारी किया गया है, जो 10 दिसंबर 2025 को प्रभावी हुआ था. यह भी पढ़े: Delhi NCR School Open: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में फिर से स्कूल खोलने की मंजूरी दी, प्रदूषण के चलते बंद थे शिक्षण संस्थान
10 दिनों के भीतर बनानी होगी फीस नियमन समिति
नए आदेश के अनुसार, दिल्ली के प्रत्येक निजी स्कूल को राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना जारी होने के 10 दिनों के भीतर एक स्कूल-स्तरीय फीस नियमन समिति (SLFRC) का गठन करना अनिवार्य होगा. हालांकि, जिन स्कूलों ने 24 दिसंबर 2025 के पिछले आदेश के तहत समितियों का गठन कर लिया था, उन्हें फिर से पुनर्गठित करने की आवश्यकता नहीं होगी.
समिति के गठन के बाद, स्कूल प्रबंधन के पास अगले तीन शैक्षणिक वर्षों (2026-27 से 2028-29) के लिए अपनी प्रस्तावित फीस संरचना जमा करने के लिए 14 दिनों का समय होगा. इसके बाद समिति प्रस्तावों की समीक्षा कर कानून के प्रावधानों के तहत शुल्क निर्धारित करेगी.
जिला अपीलीय समितियों का होगा गठन
अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच फीस से जुड़े विवादों और अपीलों के त्वरित निपटारे के लिए शिक्षा निदेशालय को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. आदेश के तहत निदेशक (शिक्षा) को आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर प्रत्येक शिक्षा जिले में एक 'जिला फीस अपीलीय समिति' (DFAC) गठित करने के निर्देश दिए गए हैं.
जब तक नई फीस मंजूर नहीं, तब तक बढ़ोतरी पर रोक
अभिभावकों के लिए यह आदेश बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि यह संक्रमण काल के दौरान फीस बढ़ोतरी पर सीमा तय करता है. जब तक 2026-27 से शुरू होने वाले तीन साल के ब्लॉक के लिए नई फीस संरचना को मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक कोई भी स्कूल 1 अप्रैल 2025 को लागू फीस से अधिक शुल्क नहीं वसूल सकेगा.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल ने नई फीस तय होने से पहले कोई अतिरिक्त राशि एकत्र की है, तो अंतिम स्वीकृति के बाद उस राशि को कानून के तहत समायोजित (adjust) किया जाएगा.
क्यों पड़ी नई समयसीमा की जरूरत?
शिक्षा विभाग के अनुसार, मूल अधिनियम 10 दिसंबर 2025 को लागू हुआ था. कानून के तहत स्कूलों को हर शैक्षणिक सत्र में 15 जुलाई तक फीस नियमन समिति का गठन करना होता था, जो कि 2025-26 सत्र के लिए संभव नहीं हो सका था.
व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए सरकार ने अधिनियम की धारा 21 की शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है. यह विशेष समयसीमा 2026-27 से 2028-29 के तीन साल के चक्र पर लागू होगी, जिसके बाद सभी प्रक्रियाएं अधिनियम में पहले से तय व्यवस्था के अनुसार चलेंगी