आर्थिक असमानता: दिल्ली सहित भारत के 5 राज्यों ने पार किया वर्ल्ड बैंक का 'अपर-मिडिल इनकम' का पैमाना; बिहार और यूपी अब भी काफी पीछे
हालिया आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, भारत के पांच राज्यों ने प्रति व्यक्ति आय के मामले में विश्व बैंक के उच्च-मध्यम आय (अपर-मिडिल इनकम) के 4,635 डॉलर के वैश्विक मानक को पार कर लिया है. इस सूची में दिल्ली सबसे ऊपर है, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर हैं.
नई दिल्ली: भारत के विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ती आर्थिक विसंगति को दर्शाने वाले कुछ नए और महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं. हालिया आर्थिक अनुमानों के मुताबिक, देश के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के मामले में विश्व बैंक (World Bank) के उच्च-मध्यम आय (Upper-Middle-Income) के वैश्विक बेंचमार्क को सफलतापूर्वक पार कर लिया है. विश्व बैंक ने इसके लिए 4,635 अमेरिकी डॉलर की सीमा तय की है. जहां कुछ राज्य सूचना प्रौद्योगिकी (IT), मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय सेवाओं के दम पर तेजी से अमीर हो रहे हैं, वहीं देश का एक बड़ा हिस्सा अब भी गंभीर विकास चुनौतियों और कम प्रति व्यक्ति आय से जूझ रहा है. यह भी पढ़ें: Pragati Project Launched: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया ‘प्रगति’ प्रोजेक्ट, 20 हजार कृषि-उद्यमी और 20 लाख किसानों को सशक्त बनाने का संकल्प
दिल्ली देश में सबसे आगे, ये 5 राज्य बने 'अपर-मिडिल इनकम' वाले क्षेत्र
ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली प्रति व्यक्ति आय के मामले में पूरे भारत में शीर्ष पर बनी हुई है. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 6,217 अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई है, जो विश्व बैंक के तय पैमाने से काफी अधिक है. दिल्ली के बाद कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और गुजरात का नंबर आता है। इन राज्यों ने औद्योगिक व्यापार, सर्विस सेक्टर और विनिर्माण में मजबूत प्रदर्शन के बल पर इस आर्थिक मुकाम को हासिल किया है.
| रैंक | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | प्रति व्यक्ति आय (USD) | स्थिति |
| 1 | दिल्ली | 6,217 | निर्धारित सीमा से ऊपर |
| 2 | कर्नाटक | 5,579 | निर्धारित सीमा से ऊपर |
| 3 | तेलंगाना | 5,407 | निर्धारित सीमा से ऊपर |
| 4 | तमिलनाडु | 5,329 | निर्धारित सीमा से ऊपर |
| 5 | गुजरात | 4,734 | निर्धारित सीमा से ऊपर |
मामूली अंतर से चूके महाराष्ट्र, हरियाणा और केरल
आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि देश के तीन अन्य बड़े और विकसित राज्य इस वैश्विक बेंचमार्क को पार करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं. मामूली आर्थिक बढ़त भी इन्हें जल्द ही उच्च-मध्यम आय की श्रेणी में शामिल कर देगी. इनमें महाराष्ट्र केवल 8 डॉलर के अंतर से चूक गया, जिसकी प्रति व्यक्ति आय 4,628 डॉलर है. इसके बाद हरियाणा (4,627 डॉलर, अंतर 9 डॉलर) और केरल (4,610 डॉलर, अंतर 26 डॉलर) का स्थान है.
क्षेत्रीय आर्थिक असमानता की गहरी खाई
एक तरफ जहां देश के पांच राज्य वैश्विक मानकों पर अमीर हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय आर्थिक विसंगति की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर भी सामने आई है. भारत के कई राज्यों में प्रति व्यक्ति आय का स्तर वैश्विक स्तर पर बेहद कम है, जिसका मुख्य कारण धीमी औद्योगिक वृद्धि, कम उत्पादकता और रोजगार के सीमित अवसर हैं.
इस सूची में बिहार सबसे निचले पायदान पर है, जहां प्रति व्यक्ति आय केवल 984 डॉलर है. इसके बाद उत्तर प्रदेश (1,403 डॉलर) और झारखंड (1,470 डॉलर) का स्थान आता है, जो देश के औसत और विकसित राज्यों की तुलना में काफी पीछे हैं.