Dussehra Rally 2026: महाराष्ट्र में दशहरा रैली पर ठाकरे और शिंदे गुट आमने-सामने, कल शिवाजी पार्क और NESCO ग्राउंड में जुटेंगे दोनों दलों के कार्यकर्ता

महाराष्ट्र की राजनीति में पारंपरिक दशहरा मेळावे को लेकर दोनों शिवसेना गुटों की तैयारियां जोरों पर हैं. जहां उद्धव ठाकरे गुट को ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में रैली की अनुमति मिली है, वहीं एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने नेस्को ग्राउंड पर होने वाले मेळावे को सूखा पीड़ित किसानों को समर्पित किया है.

Uddhav Thackeray- DCM Eknath shinde

Dussehra Rally 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के पारंपरिक 'दसरा मेळावा' (दशहरा रैली) का विशेष महत्व रहा है. पार्टी में विभाजन के बाद से दोनों ही गुट बालासाहेब ठाकरे की विरासत पर अपना दावा जताते हुए हर साल शक्ति प्रदर्शन करते आए हैं.  इस वर्ष भी एक ओर जहां उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) अपने पारंपरिक गढ़ दादर के शिवाजी पार्क में शक्ति दिखाने की तैयारी में है, वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने गोरेगांव के नेस्को ग्राउंड (Nesco Grounds) पर इस आयोजन की रूपरेखा तैयार की है.

दोनों ही गुटों की ओर से इस वार्षिक राजनीतिक उत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस पर सुगबुगाहट तेज हो गई है.  यह भी पढ़े:  Mysore Dasara 2026: मैसूरु में 21 अक्टूबर को भव्य जम्बू सवारी, जानें मैसूरु दशहरा की तारीख, शाही इतिहास और विजयदशमी का खास आयोजन

'संविधान रक्षा' के मुद्दे पर शिवाजी पार्क में जुटेगी ठाकरे सेना

शिवसेना (UBT) को इस वर्ष भी मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा कड़ी शर्तों के साथ ऐतिहासिक शिवाजी पार्क (शिवतीर्थ) में रैली आयोजित करने की अनुमति मिल गई है. पार्टी ने हाल ही में अपना आधिकारिक वीडियो टीजर जारी कर शिवसैनिकों से जुटने की अपील की है.

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस साल के मेळावे का मुख्य केंद्रबिंदु 'संविधान की रक्षा' और हालिया राजनीतिक मुद्दों को बनाया गया है.उद्धव ठाकरे के इस मंच से राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, मतदाता सूची संशोधन और विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने की संभावना है. पार्टी ने अपने प्रचार माध्यमों से कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है.

सूखा पीड़ित किसानों और कल्याणकारी योजनाओं पर शिंदे गुट का जोर

दूसरी ओर, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपनी रैली का स्थान नेस्को ग्राउंड (गोरेगांव) चुना है। शिंदे सेना का यह इस बार का मेळावा पूरी तरह से जनहित और विशेष तौर पर सूखा प्रभावित किसानों के मुद्दों को समर्पित रहेगा.

पार्टी नेताओं के मुताबिक, इस आयोजन के दौरान राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों को सहायता सामग्री भेजने, महिलाओं के लिए आजीविका के साधन उपलब्ध कराने और किसानों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया जाएगा। शिंदे गुट का यह प्रयास जनता के बीच सीधे तौर पर विकास कार्यों और सामाजिक कल्याण के संदेश को पहुंचाने का है.

विरासत और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई

वर्ष 1966 में शुरू हुई शिवसेना की इस पारंपरिक रैली का उद्देश्य हमेशा से पार्टी की वैचारिक दिशा तय करना और शक्ति का प्रदर्शन करना रहा है. पार्टी टूटने के बाद से दोनों गुटों के लिए यह मेळावा अपनी वैचारिक वैधता साबित करने का एक बड़ा जरिया बन गया है.

एक तरफ जहां उद्धव ठाकरे अपनी पारंपरिक शैली और संस्थागत अधिकारों की रक्षा के नाम पर जनता को साधने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं शिंदे गुट प्रशासनिक मजबूती और किसान हितैषी कदमों के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटा हुआ है. आगामी 20 अक्टूबर को होने वाले इन दोनों आयोजनों पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं.

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