Driving Licence Rules 2026: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट अनिवार्य, 1 अगस्त से लागू होगा नया नियम
महाराष्ट्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट परमिट के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट (मूल निवास प्रमाण पत्र) अनिवार्य करने का फैसला किया है. 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले इस नियम से अवैध रूप से चल रहे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स पर लगाम कसेगी.
Driving Licence Rules 2026: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर को विनियमित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. आगामी 1 अगस्त 2026 से राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस और कमर्शियल व्हीकल परमिट प्राप्त करने के लिए 'डोमिसाइल सर्टिफिकेट' (मूल निवास प्रमाण पत्र) को अनिवार्य कर दिया जाएगा. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को यह महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने बताया कि इस नीति से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव कानूनी और न्याय विभाग को संरचनात्मक मंजूरी के लिए भेज दिया गया है, जिसे अंतिम अनुमति मिलते ही लागू कर दिया जाएगा.
यह घोषणा विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिवसेना विधायक दिलीप लांडे द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब में आई. विधायक लांडे ने ऐप-आधारित अवैध परिवहन ऑपरेटरों की बढ़ती संख्या और इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि बिना किसी स्थानीय जवाबदेही या उचित दस्तावेजों के कई लोग कमर्शियल ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय चला रहे हैं. यह भी पढ़े: New Rules from 1st June: 1 जून से बदल जाएंगे ये 5 नियम, देश के हर नागरिक पर पड़ेगा इसका असर
अवैध कमर्शियल ऑपरेटरों पर कसेगी लगाम
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि अन्य राज्यों से आकर महाराष्ट्र में अवैध रूप से परिवहन व्यवसाय शुरू करने वाले लोगों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार ने तय किया है कि भविष्य में केवल उन्हीं लोगों को इस तरह की परिवहन सेवाओं के लिए परमिट दिया जाएगा, जिनके पास महाराष्ट्र का डोमिसाइल सर्टिफिकेट होगा.
यह नियम न केवल सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को प्रभावित करेगा, बल्कि विशेष रूप से ऐप-आधारित कमर्शियल सेवाओं और बाइक टैक्सियों के आगामी नियामक ढांचे (Regulatory Framework) को भी तय करेगा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच प्रवर्तन एजेंसियों ने 1,000 से अधिक अवैध परिवहन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 18.5 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है.
ऐप-आधारित बाइक टैक्सियों के लिए नई नीति
सरकार इस नए कदम के जरिए राज्य में अनियंत्रित रूप से चल रही बाइक टैक्सियों को भी कानूनी दायरे में लाने की तैयारी कर रही है. नई नीति के तहत ऐप-आधारित बाइक टैक्सी ऑपरेटरों को सरकार को प्रति राइड 5 रुपये का शुल्क देना होगा. इसके अलावा, हर राइड से 2 रुपये चालकों के लिए बनाए जाने वाले कल्याण कोष (Welfare Fund) में जमा किए जाएंगे.
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए वाहन चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ-साथ 'पब्लिक सर्विस व्हीकल बैज' होना भी जरूरी होगा, जिसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा.
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता
महाराष्ट्र के मौजूदा नियमों के अनुसार, डोमिसाइल सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए किसी भी व्यक्ति को कम से कम 15 वर्षों से राज्य में लगातार निवास करना आवश्यक है. परिवहन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस डेटाबेस को लाइसेंस प्रणाली से जोड़ने से ऑपरेटरों की पहचान और ट्रैकिंग आसान हो जाएगी.
इस नीति के लागू होने से न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स और राइड-हेलिंग (कैब/बाइक बुकिंग) जैसे उभरते क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.