DK Shivakumar Karnataka New CM: कर्नाटक की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई, जब कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी बेंगलुरु के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में, राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. शिवकुमार ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर शपथ ग्रहण किया, जो उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस अवसर पर, जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि 13 अन्य विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जिससे नई कैबिनेट का गठन पूरा हुआ।
नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट का गठन
डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन है. पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ मैराथन बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया था. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया। नई कैबिनेट में सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे सहित कई प्रमुख चेहरों को जगह मिली है. मंत्रिमंडल में कृष्णा बायरेगौड़ा, दिनेश गुंडू राव और यूटी खादर जैसे अनुभवी नेताओं को भी शामिल किया गया है, जिसमें कम से कम एक महिला मंत्री को भी जगह मिलने की उम्मीद है. यह भी पढ़े: DK Shivakumar Escort Vehicle: कर्नाटक के डिप्टी सीएम DK शिवकुमार की एस्कॉर्ट गाड़ी एक्सप्रेसवे पर पलटी, एक सुरक्षाकर्मी घायल; VIDEO
डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री
#WATCH | Bengaluru: Carrying a copy of the Constitution of India, DK Shivakumar takes oath as the Chief Minister of Karnataka.
(Video Source: Congress) pic.twitter.com/gYMsDu8hqL
— ANI (@ANI) June 3, 2026
सियासी समीकरण और भविष्य की राह
डीके शिवकुमार के सामने अब मंत्रिमंडल में राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की बड़ी चुनौती है। राज्य में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 मंत्रियों की व्यवस्था है, और मंत्री पद के दावेदारों की बड़ी संख्या को देखते हुए संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। इस नेतृत्व परिवर्तन के पीछे ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद के फॉर्मूले पर सहमति की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, जिसके तहत सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद शिवकुमार को कमान सौंपी गई है। वहीं, सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसमें उन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव में ओबीसी चेहरे के रूप में राज्यसभा भेजने की तैयारी भी शामिल है।
आगे की चुनौतियाँ और उम्मीदें
नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कर्नाटक सरकार के सामने सुशासन, विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने, युवा सशक्तिकरण और आर्थिक विकास जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे। कांग्रेस हाईकमान ने कर्नाटक में 'सियासी नाटक' से बचने और सरकार को सुचारू रूप से चलाने के लिए दिल्ली में एक विस्तृत योजना तैयार की है। शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के नए अध्यक्ष को लेकर भी मंथन शुरू हो गया है, जिसमें वरिष्ठ विधायक सतीश जारकीहोली का नाम सबसे आगे है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार इन चुनौतियों का सामना कैसे करती है और राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाती है.











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