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Indian Railway Digital Clock Contest: डिजाइन करें भारतीय रेलवे के लिए डिजिटल घड़ी, जीतें 5 लाख रुपए का इनाम!

भारतीय रेलवे ने देशभर के स्टेशनों के लिए नई डिजिटल घड़ी डिज़ाइन करने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है. ग्रैंड पुरस्कार विजेता को ₹5 लाख का इनाम मिलेगा, साथ ही प्रत्येक श्रेणी के लिए ₹50,000 के सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे. आवेदन 1 मई से 31 मई तक ऑनलाइन सबमिट किए जा सकते हैं, साथ ही एक अवधारणा पत्र भी देना होगा.

Indian Railway Digital Clock Contest: डिजाइन करें भारतीय रेलवे के लिए डिजिटल घड़ी, जीतें 5 लाख रुपए का इनाम!

भारतीय रेलवे ने देशभर के रेलवे स्टेशनों पर स्थापित करने के लिए एक नई डिज़िटल घड़ी का डिज़ाइन तैयार करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की घोषणा की है. यह प्रतियोगिता रचनात्मकता और डिजाइन के प्रति प्रेम रखने वालों के लिए एक बेहतरीन अवसर है. रेलवे ने सभी प्रतिभाशाली लोगों से अपनी डिज़ाइनों को प्रस्तुत करने की अपील की है, ताकि पूरे देश में एक मानक डिज़िटल घड़ी का इस्तेमाल किया जा सके.

प्रतियोगिता की श्रेणियां और पुरस्कार

इस प्रतियोगिता में तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं: पेशेवर, कॉलेज/विश्वविद्यालय के छात्र, और स्कूल छात्र. विजेता को ₹5 लाख का शानदार पुरस्कार मिलेगा, और प्रत्येक श्रेणी के लिए 50,000 रुपये के पांच सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे.

प्रतिभागियों को अपनी डिज़ाइनों को ऑनलाइन 1 मई से 31 मई तक सबमिट करना होगा. इसके लिए आवश्यक निर्देशों के बारे में अधिक जानकारी रेलवे द्वारा जारी की गई सूचना में उपलब्ध है.

डिज़ाइन के लिए आवश्यक शर्तें

रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार), दिलीप कुमार ने कहा कि सभी डिज़ाइन उच्च गुणवत्ता में बिना किसी वॉटरमार्क या लोगो के साथ सबमिट किए जाने चाहिए. इसके साथ ही प्रत्येक डिज़ाइन के साथ एक संक्षिप्त अवधारणा पत्र भी होना चाहिए, जो डिज़ाइन के पीछे की सोच और थीम को स्पष्ट करता हो. सभी डिज़ाइन पूरी तरह से मौलिक होने चाहिए और किसी भी बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) या कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं करना चाहिए.

प्रतिभागी अपनी डिज़ाइनों को contest.pr@rb.railnet.gov.in पर भेज सकते हैं.

प्रतियोगिता की पात्रताएं

स्कूल श्रेणी: इस श्रेणी में कक्षा 12 तक के छात्र भाग ले सकते हैं और उन्हें वैध स्कूल आईडी कार्ड अपलोड करना होगा.

कॉलेज श्रेणी: जो लोग किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज में नामांकित हैं, वे इस श्रेणी में भाग ले सकते हैं.

पेशेवर श्रेणी: सभी अन्य लोग इस श्रेणी के तहत आएंगे, चाहे वे डिजाइन क्षेत्र में पेशेवर हों या अन्य किसी क्षेत्र में काम करने वाले हों.

परंपरागत घड़ी बनी रहेगी

दिलीप कुमार ने बताया कि रेलवे की पारंपरिक ‘रेलवे’ घड़ी को डिजिटल घड़ी से बदला नहीं जाएगा. भारत में 8,000 से अधिक रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें से अधिकांश में पारंपरिक घड़ियां स्थापित हैं, जबकि कई स्टेशनों पर डिजिटल घड़ियाँ भी मौजूद हैं. भारतीय रेलवे 1,300 से अधिक स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन’ के रूप में विकसित कर रहा है, जहाँ नए डिज़ाइन के डिजिटल घड़ियाँ लगाई जाएंगी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2025 10:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).