दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो फेज-4 में काम शुरू करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को दिल्ली मेट्रो के104 किलोमीटर वाले फेज-4 परियोजना पर काम शुरू करने का निर्देश दिया, जो केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच विवाद के चलते रुकी हुई थी. केंद्र ने अदालत से कहा कि परियोजना के लिए निधिकरण अगस्त 2017 के मेट्रो रेल नीति के अनुसार किया गया था.

मेट्रो (Photo Credits : IANS)

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार के दिन अधिकारियों को दिल्ली मेट्रो के 104 किलोमीटर वाले फेज-4 परियोजना पर काम शुरू करने का निर्देश दिया, जो केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच विवाद के चलते रुकी हुई थी. जस्टिस अरूण मिश्रा और दीपक गुप्ता की पीठ ने यह फैसला सुनाया. पिछली सुनवाई में अदालत को बताया गया था कि यह परियोजना 'विवेचनात्मक' है और बाकी बचे सभी मुद्दों को जल्द से जल्द हल किया जाना चाहिए.

पीठ को एक पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (Environmental Pollution Control Authority) के बारे में बताया गया था, जिसमें यह कहा गया था कि साल 2014 में जब इसे केंद्र सरकार में पारित होने के लिए भेजा गया तब से यह परियोजना रूकी हुई है. ईपीसीए रिपोर्ट ने इस परियोजना के विभिन्न वित्तीय पहलुओं की वजह से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच चर्चा में गतिरोध की ओर इशारा किया.

यह भी पढ़ें : केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान, कहा- वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को मेट्रो में रियायती दरों पर पास की सुविधा देने का विचार नहीं

दिल्ली सरकार ने कहा था कि दिल्ली मेट्रो को फेज-4 पर काम तब तक शुरू नहीं करना चाहिए जब तक परिचालन हानि, जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी एजेंसी के ऋण का पुर्नभुगतान, भूमि की लागत और करों का बंटवारा और कई और चीजों से संबंधित मुद्दों का हल नहीं हो जाता.

केंद्र ने शुक्रवार को अदालत से कहा कि परियोजना के लिए निधिकरण अगस्त 2017 के मेट्रो रेल नीति के अनुसार किया गया था. सरकार ने भी कहा कि अन्य शहरों के मेट्रो परियोजनाओं को दिल्ली मेट्रो फेज-4 के वित्तीय पैटर्न पर मंजूरी दे दी गई है.

Share Now

संबंधित खबरें

Supreme Court on Abetment to Suicide: लिव-इन पार्टनर से शादी से इनकार आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने छह आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की रद्द

‘अपराधियों में ऐसा खौफ पैदा करें कि दोबारा सोचने की हिम्मत न हो’: दिल्ली में दुष्कर्म की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को सख्त हिदायत

'यह संविधान के मूल पर सीधा प्रहार है': मताधिकार छीनने पर बोले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां; 'बिना नोटिस और सुनवाई के वोटर लिस्ट से नाम नहीं कट सकता'

Social Media Ban for Minors: क्या भारत में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगेगा बैन? सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने दिए कड़े नियमों के संकेत