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दिल्ली में प्रदूषण से निपटने में जुटी केजरीवाल सरकार, सत्येंद्र जैन ने NCR में चल रहे 11 थर्मल पॉवर प्लांट को बंद करने के लिए केंद्र सरकार को लिखा पत्र

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री श्री सतेंद्र जैन ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली और दिल्ली के आसपास के प्रदूषण में थर्मल पावर प्लांट का बहुत बड़ा योगदान है. इसी के मद्देनजर 2015 मे यह आदेश दिए गए थे कि दो साल के अंदर सारे पाॅवर स्टेशन का प्रदूषण कम किया जाए.

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने में जुटी केजरीवाल सरकार, सत्येंद्र जैन ने NCR में चल रहे 11 थर्मल पॉवर प्लांट को बंद करने के लिए केंद्र सरकार को लिखा पत्र
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने बुधवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (RK Singh) को पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र के जरिए उनसे एनसीआर में चल रहे सभी 11 थर्मल पाॅवर प्लांट को बंद करने का अनुरोध किया है. सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के आसपास चल रहे इन थर्मल पाॅवर प्लांट्स का दिल्ली के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान है. देश में दिल्ली सरकार एकमात्र ऐसी सरकार है, जिसने अपने राज्य के अंदर सभी थर्मल पाॅवर प्लांट को बंद कर दिया है. मंत्री सतेंद्र जैन ने पत्र में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि 2019 में सभी थर्मल पाॅवर प्लांट बंद कर देंगे, लेकिन अब इन पाॅवर प्लांट को नवीनीकृत करने का समय 2 वर्ष और बढ़ाना चाहती है. उन्होंने कहा कि एनसीआर में अभी तक चल रहे 11 थर्मल पाॅवर प्लांट को बंद करने से दिल्ली के प्रदूषण पर निश्चित रूप से फर्क पड़ेगा.

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री श्री सतेंद्र जैन ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली और दिल्ली के आसपास के प्रदूषण में थर्मल पावर प्लांट का बहुत बड़ा योगदान है. इसी के मद्देनजर 2015 मे यह आदेश दिए गए थे कि दो साल के अंदर सारे पाॅवर स्टेशन का प्रदूषण कम किया जाए. बाद में इसकी अंतिम तिथि बढ़ा कर 2019 कर दी गई थी और केंद्र सरकार ने कहा था कि 2019 तक हम सब को पूरा कर देंगे और प्रदूषण स्तर कम कर देंगे. दिल्ली के अंदर बढ़ रहे प्रदूषण संकट से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार सख्त, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने नार्थ एमसीडी पर 20 लाख रुपये जुर्माना लगाने का दिया आदेश.

दिल्ली के प्रदूषण में इन थर्मल पाॅवर प्लांट का बहुत बड़ा योगदान है. इसी वजह से दिल्ली सरकार के जितना भी थर्मल पाॅवर प्लांट थे, सभी बंद कर दिए गए हैं. श्री सतेंद्र जैन ने कहा कि पहले 2009 के अंदर आईपी स्टेशन को बंद किया गया, राजघाट को 2015 के अंदर बंद किया गया और बदरपुर पॉवर स्टेशन जो दिल्ली के अंदर था, उसको भी 2018 के अंदर बंद किया गया.

दिल्ली देश में अकेला ऐसा राज्य है, जहां पर कोई भी थर्मल पाॅवर स्टेशन नहीं है. अभी भी केंद्र सरकार की मंशा है कि दिल्ली के आसपास जो थर्मल पाॅवर स्टेशन हैं, जिनकी वजह से काफी प्रदूषण होता है, उनके प्रदूषण मानदंड में फिर से छूट दे दी जाए और उनको आगे 2-3 साल और मोहलत दे दिए जाएं, ताकि वो प्रदूषण मानदंड का पालन न करें. उन्होंने कहा कि मैंने केंद्रीय मंत्री जी को पत्र लिखा है कि जितने भी यह थर्मल पाॅवर स्टेशन हैं, इनको बंद किया जाए, ताकि दिल्ली और इसके आसपास रहने वालों लोगों को राहत मिले और दिल्ली ने यह पहले कर के दिखा दिया है, दिल्ली ने अपने सारे थर्मल पाॅवर स्टेशन को बंद कर दिया है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने बाॅयो डीकंपोजर घोल के छिड़काव का किया शुभारंभ, कहा- प्रदूषण से निपटने के लिए सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार को करना होगा सहयोग.

एक सवाल के जवाब में ऊर्जा मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली से सटे दूसरे राज्यों में अभी 11 थर्मल पाॅवर प्लांट चल रहे हैं. पहले यह 13 थे, जिसमें दो दिल्ली में थे, जिन्हें हम पहले ही बंद कर चुके है. शेष पाॅवर प्लांट दिल्ली के आसपास हैं. इसमें दादरी में एक पाॅवर प्लांट है. इसे बंद करने को लेकर कल ही मैंने पत्र लिखा था. दादरी का जो पावर प्लांट है, इसके 25 साल, फेज एक के अगले महीने खत्म होने वाले हैं.

सुनने में यह आ रहा है कि 25 साल बाद उसको भी आगे बढ़ाना चाहते है, ताकि और प्रदूषण पैदा करता रहे, जबकि उसकी 25 साल की अवधि भी खत्म हो चुकी है. थर्मल पाॅवर प्लांट से बहुत अधिक प्रदूषण होता है और इसीलिए हमने दिल्ली के सभी पाॅवर प्लांट बंद कर दिए. दिल्ली को इसकी बहुत ज्यादा चिंता थी, तभी हमने राजघाट पाॅवर स्टेशन और बदरपुर पाॅवर स्टेशन को बंद कर दिया. दादरी स्थित थर्मल पाॅवर स्टेशन से आने वाला प्रदूषण दिखाई नहीं देता है, इसलिए उस पर ज्यादा शोर नहीं मच रहा है, लेकिन वह भी दिल्ली और उसके आसपास प्रदूषण बढ़ाने में योगदान करता है.

ऊर्जा मंत्री श्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में जो प्लांट था उससे 100 प्रतिशत बिजली की सप्लाई दिल्ली को किया जाता था. देश में बिजली सप्लाई के वैकल्पिक सोर्स हैं, आज भी जो पीक लोड है, उसके दोगुना देश के अंदर पाॅवर उत्पादन की क्षमता है. दिल्ली के आसपास पाॅवर प्लांट का होना दिल्ली के पर्यावरण के लिए बहुत ही अधिक खतरनाक है, उसकी वजह से बहुत ज्यादा प्रदूषण होता है.

थर्मल पाॅवर प्लांट को बंद करने से दिल्ली में पाॅवर सप्लाई पर कोई फर्क नही पड़ेगा, बल्कि प्रदूषण पर जरूर फर्क पड़ेगा और प्रदूषण कम हो जाएगा. अगर हम पराली जलाना बंद कर दें, थर्मल पाॅवर प्लांट को बंद कर दें, तो दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण पर काफी असर पड़ेगा. दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण को बढ़ाने में पराली और थर्मल पाॅवर स्टेशन का काफी योगदान है. उन्होंने कहा कि अभी मैंने केंद्रीय मंत्री जी को पत्र लिखा है. मुझे लगता है कि वो इसका अवश्य संज्ञान लेंगे और यह महत्वपूर्ण है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 14, 2020 08:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).