Delhi Pollution Plan: दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर 1 नवंबर से सख्त नियम, लागू होगा 50% वर्क फ्रॉम होम और दोगुना होगा पार्किंग शुल्क
राजधानी दिल्ली में आगामी सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक व्यापक और सख्त विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की है. नए नियमों के तहत 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में सरकारी और निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य किया जाएगा.
Delhi Pollution Plan: राजधानी दिल्ली में आगामी सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक व्यापक और सख्त विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की है. नए नियमों के तहत 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में सरकारी और निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से पार्किंग शुल्क को दोगुना करने तथा निर्माण गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समीक्षा बैठक के बाद इस योजना को अंतिम रूप दिया.
50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और बदला दफ्तरों का समय
सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम करने और ट्रैफिक जाम से राहत पाने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दफ्तरों की कार्यप्रणाली में बदलाव किया जाएगा. यह भी पढ़े: Delhi News Today: दिल्ली में प्रदूषण योजना, प्रवेश वर्मा विवाद समेत राजधानी की आज की बड़ी और लेटेस्ट खबरें यहां पढ़ें
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वर्क फ्रॉम होम: सरकारी और प्राइवेट कंपनियों के 50 फीसदी कर्मचारी दफ्तर से काम करेंगे, जबकि शेष 50 फीसदी कर्मचारी घर से कार्य करेंगे.
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कार्यालयों का समय: एमसीडी (MCD) और दिल्ली सरकार के दफ्तरों के समय में अंतर (स्टैगर्ड टाइमिंग्स) रखा गया है ताकि सड़कों पर एक साथ वाहनों का दबाव न बढ़े.
दोगुना होगा पार्किंग शुल्क और वाहनों पर सख्ती
निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को घटाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा. हालांकि, दिल्ली मेट्रो (DMRC) की पार्किंगों को इस वृद्धि से छूट दी गई है.
इसके अलावा, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-VI (BS-VI) वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. सीएनजी (CNG), इलेक्ट्रिक (EV) और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी. सरकार 'बिना पीयूसी, ईंधन नहीं' नीति को भी कड़ाई से लागू करेगी.
निर्माण गतिविधियों और धूल नियंत्रण पर प्रतिबंध
हवा में धूल के कणों (PM 2.5 और PM 10) को नियंत्रित करने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) से जुड़ी गतिविधियों पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी. धूल पैदा करने वाले सिविल कार्यों पर 1 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रतिबंध रहेगा, वहीं 10 दिसंबर से 20 जनवरी की अवधि के दौरान सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक रहेगी.
सार्वजनिक परिवहन को मजबूती देने के लिए सड़कों पर 150 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारी जा रही हैं. साथ ही, प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर निगरानी, सड़कों की डीप-क्लीनिंग और श्मशान घाटों में ग्रीन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2026 09:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

