Delhi Lok Adalat For Traffic Challans: दिल्ली लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से छुटकारा पाने का मौका, जानें तारीख, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और अदालतों की लिस्ट
गंभीर अपराध लोक अदालत के दायरे से पूरी तरह बाहर हैं. इनमें नशे में गाड़ी चलाना, हिट-एंड-रन के मामले, लापरवाही से गाड़ी चलाने से मौत, नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाना, अनधिकृत रेसिंग और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए वाहन शामिल हैं. नियमित अदालतों में पहले से लंबित या अन्य राज्यों द्वारा जारी किए गए चालान भी अयोग्य हैं.
Delhi Lok Adalat For Traffic Challans: दिल्ली के वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर है. राजधानी में नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार यानी 10 जनवरी 2026 को किया जा रहा है.इस दिन लोग अपने पुराने और छोटे ट्रैफिक चालान (ई-चालान) का निपटारा एक ही दिन में आसानी से कर सकेंगे. इस लोक अदालत का आयोजन दिल्ली की सभी जिला अदालतों में होगा. इसका मकसद लोगों को लंबे कोर्ट केस से राहत देना और छोटे मामलों का जल्दी समाधान करना है. यह जानकारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से दी गई है. Delhi Traffic Challan: 10 जनवरी को राष्ट्रीय लोक अदालत, ट्रैफिक चालान माफ करवाने का सुनहरा मौका, ऐसे पाएं ऑनलाइन टोकन
दिल्ली के वाहन मालिकों के पास अगले सप्ताह लंबित छोटे-मोटे ट्रैफिक जुर्माने को तेजी से हल करने का एक सुनहरा मौका होगा, क्योंकि राष्ट्रीय लोक अदालत राजधानी की जिला अदालतों में आयोजित की जाएगी. शनिवार को होने वाला कार्यक्रम, कंपाउंडेबल ई-चालान के बोझ से दबे मोटर चालकों को राहत प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो लंबी अदालती सुनवाई के लिए एक सुव्यवस्थित विकल्प प्रदान करता है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रकाशित विवरण के अनुसार, इस पहल में बेंचें शामिल होंगी - जिनमें आमतौर पर एक न्यायिक अधिकारी और एक कानूनी सेवा प्राधिकरण प्रतिनिधि शामिल होंगे - जो एक ही बैठक में पात्र मामलों की सुनवाई करेंगे. प्राथमिक उद्देश्य व्यवस्था में भीड़ कम करना और गंभीर आपराधिक उल्लंघनों को स्पष्ट रूप से बाहर रखते हुए रोजमर्रा के अपराधों का त्वरित समाधान प्रदान करना है.
इस योजना की कुछ सीमाएं निर्धारित की गई हैं. केवल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर लंबित और 30 सितंबर 2025 तक वर्चुअल कोर्ट में भेजे गए कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालान ही विचार के पात्र हैं. योग्य अपराधों में बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के गाड़ी चलाना, तेज गति से गाड़ी चलाना, लाल बत्ती तोड़ना, गलत पार्किंग, वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के बिना गाड़ी चलाना, यातायात संकेतों की अनदेखी करना, नंबर प्लेट गायब होना और गलत तरीके से जारी किए गए चालान शामिल हैं। सीमित मामलों में बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर विचार किया जा सकता है.
गंभीर अपराध लोक अदालत के दायरे से पूरी तरह बाहर हैं. इनमें नशे में गाड़ी चलाना, हिट-एंड-रन के मामले, लापरवाही से गाड़ी चलाने से मौत, नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाना, अनधिकृत रेसिंग और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए वाहन शामिल हैं. नियमित अदालतों में पहले से लंबित या अन्य राज्यों द्वारा जारी किए गए चालान भी अयोग्य हैं. नीचे पूरी जानकारी उपलब्ध हैं.
कौन-कौन से चालान होंगे शामिल?
लोक अदालत में सिर्फ वही ट्रैफिक चालान सुने जाएंगे जो 30 सितंबर 2025 तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर पेंडिंग हों, और वर्चुअल कोर्ट को भेजे गए हों.
इन चालानों पर मिल सकती है राहत:
हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना
ओवरस्पीडिंग
रेड लाइट जंप करना
गलत पार्किंग
PUC सर्टिफिकेट न होना
ट्रैफिक साइन नजरअंदाज करना
नंबर प्लेट न होना
गलत तरीके से जारी किया गया चालान
कुछ मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर भी सुनवाई हो सकती है.
किन मामलों पर नहीं मिलेगी राहत?
इन गंभीर मामलों को लोक अदालत में नहीं सुना जाएगा:
शराब पीकर गाड़ी चलाना
हिट एंड रन केस
लापरवाही से मौत का मामला
नाबालिग द्वारा वाहन चलाना
अवैध रेसिंग
अपराध में इस्तेमाल किया गया वाहन
इसके अलावा, जो चालान पहले से किसी रेगुलर कोर्ट में चल रहे हैं या दूसरे राज्य के हैं, वे भी मान्य नहीं होंगे.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी
लोक अदालत में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.
रजिस्ट्रेशन शुरू: 5 जनवरी 2026, सुबह 10 बजे
प्रतिदिन अधिकतम 45,000 चालान डाउनलोड हो सकेंगे
कुल सीमा: 1,80,000 चालान
वाहन मालिक को पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस या परिवहन पोर्टल पर अपना चालान चेक करना होगा. इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरने पर टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा, जिसमें कोर्ट, तारीख और समय लिखा होगा.
लोक अदालत के दिन क्या लेकर जाना होगा?
लोक अदालत में ये डाक्यूमेंट्स जरूरी:
अपॉइंटमेंट लेटर (प्रिंटेड)
चालान की कॉपी
वाहन के सभी ओरिजिनल कागजात
आरसी (RC)
ड्राइविंग लाइसेंस
इंश्योरेंस
PUC सर्टिफिकेट
बिना अपॉइंटमेंट (वॉक-इन) मामलों की सुनवाई नहीं होगी.
चालान कैसे होगा खत्म?
सुनवाई के दौरान जज और लीगल अथॉरिटी का बेंच चालान की राशि कम कर सकता है या माफ भी कर सकता है. अगर समझौता हो जाता है तो उसी दिन कोर्ट परिसर में भुगतान करना होगा और रसीद दी जाएगी.
कहां-कहां होगी लोक अदालत?
दिल्ली के सभी जिला कोर्ट कॉम्प्लेक्स में लोक अदालत लगेगी, जिनमें शामिल हैं:
पटियाला हाउस
कड़कड़डूमा
तीस हजारी
साकेत
रोहिणी
द्वारका
राउज एवेन्यू
लोगों को सलाह दी गई है कि वे कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें, क्योंकि कोर्ट में प्रिंट निकालने की सुविधा नहीं होगी.
सिर्फ ट्रैफिक नहीं, और भी मामले
नेशनल लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के अलावा पारिवारिक, संपत्ति और अन्य सिविल मामलों का भी निपटारा किया जाएगा. यह प्रक्रिया आपसी सहमति से होती है और केस का फैसला उसी दिन हो जाता है.