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Delhi Liquor Scam Update: ED ने अदालत से कहा- के. कविता दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले की मुख्य साजिशकर्ता हैं

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीआरएस एमएलसी के. कविता की हिरासत की मांग करते हुए शनिवार को अदालत से कहा कि वह कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले के "प्रमुख साजिशकर्ताओं और लाभार्थियों" में से एक हैं.

Delhi Liquor Scam Update: ED ने अदालत से कहा- के. कविता दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले की मुख्य साजिशकर्ता हैं

नई दिल्ली, 16 मार्च : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीआरएस एमएलसी के. कविता की हिरासत की मांग करते हुए शनिवार को अदालत से कहा कि वह कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले के "प्रमुख साजिशकर्ताओं और लाभार्थियों" में से एक हैं.

राउज एवेन्यू अदालत ने कविता को 23 मार्च तक के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया. ईडी ने हैदराबाद में शुक्रवार को उनके घर की तलाशी के बाद उन्‍हें गिरफ्तार किया था. वह पार्टी अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी हैं. यह भी पढ़ें : Lok Sabha Elections 2024: त्रिपुरा में चुनाव कार्यक्रम का भाजपा, सीपीआई-एम, कांग्रेस ने किया स्वागत

जांच एजेंसी ने हिरासत के लिए याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया कि 'साउथ ग्रुप' के अन्य सदस्यों - शरत रेड्डी, राघव मगुंटा और श्रीनिवासुलु रेड्डी के साथ कविता ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ साजिश रची, उन्हें 100 करोड़ रुपये रिश्‍वत दी और बदले में दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति बनाने और लागू किए जाने से उन्हें अनुचित लाभ मिला.

अदालत के समक्ष पेश ईडी की अर्जी में कहा गया, "के. कविता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री व तत्कालीन उत्पाद शुल्क मंत्री मनीष सिसौदिया के साथ सौदा किया, जिसमें उन्होंने साउथ ग्रुप के अन्य सदस्यों के साथ बिचौलियों के जरिए उन्हें रिश्‍वत का भुगतान किया. आप के नेताओं को दी गई रिश्‍वत के बदले में उन्हें नीति बनाने में शामिल किया गया.''

ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने डमी अरुण पिल्लई के जरिए पेरनोड रिकार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म और वितरण व्यवसाय में पर्याप्त निवेश के बिना इंडो स्पिरिट्स की साझेदारी में हिस्सेदारी मिली, जो देश के सबसे बड़े शराब निर्माताओं में से एक है. इस तरह दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 की अवधि में इंडो स्पिरिट्स को सबसे ज्‍यादा मुनाफा हुआ.

आवेदन में दावा किया गया है, "नीति में थोक व्यापारी का लाभ मार्जिन बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया, ताकि इस मार्जिन में से इसका एक हिस्सा रिश्‍वत के रूप में वापस लिया जा सके. ऐसा अवैध धन का प्रवाह लागातार बनाए रखने के लिए किया गया था.

ईडी ने दावा किया कि कविता और अन्य ने आप के शीर्ष नेताओं को 100 करोड़ रुपये की रिश्‍वत दी, जो कि पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज श्रीनिवासुलु रेड्डी के 14 जुलाई 2023 को दर्ज बयान और 17 जुलाई 2023 को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज उनके बयान से स्पष्ट है.

अदालत में सौंपे गए बयान के अनुसार, श्रीनिवासुलु रेड्डी ने कहा कि मार्च 2021 में उन्होंने दिल्ली के एक अखबार में पढ़ा कि सरकार शराब व्यापार का निजीकरण कर रही है. चूंकि वह पिछले 71 वर्षों से दक्षिण भारत में शराब के कारोबार से जुड़े हैं, उन्होंने दिल्ली में अपने करोबार के विस्तार पर विचार किया और सीएम केजरीवाल से मिलने की मांग की थी.

उन्होंने कहा कि सीएम कार्यालय ने उन्हें 16 मार्च, 2021 की शाम को समय दिया था और जब वह केजरीवाल से मिले, तो उन्होंने सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया और कहा कि हम दिल्ली में व्यवसाय करने के लिए सभी का स्वागत करते हैं.

उन्होंने अपने बयान में कहा, ''शराब कारोबार के संबंध में पहले ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने दिल्ली में शराब का कारोबार करने के लिए मुझसे संपर्क किया था और पार्टी यानी आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी."

ईडी ने उनके बयान का हवाला देते हुए कहा कि कविता ने 19 मार्च, 2021 को श्रीनिवासुलु रेड्डी को फोन किया और उनसे मिलने के लिए कहा. वह अगले दिन मिले. उन्होंने उन्हें बताया कि केजरीवाल ने उनसे बात की थी.

बयान में कहा गया है, "कविता ने उनसे कहा कि उनके सीए बुची बाबू इस समन्वय के लिए उनसे और उनके बेटे राघव मगुंटा से मिलने आएंगे. बुची बाबू अगले दिन उनसे मिलने गए और राघव मगुंटा ने उनसे कहा कि वह 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सकते हैं और आखिरकार 25 करोड़ रुपये नकद में दिए गए.''

ईडी ने यह भी कहा कि राघव मगुंटा ने 26 जुलाई, 2023 को पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए अपने बयान में और 27 जुलाई, 2023 को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए एक अन्य बयान में स्वीकार किया कि उन्होंने 25 करोड़ रुपये का भुगतान किया था.

एजेंसी ने दावा किया कि नकद हस्तांतरण दो हिस्‍सों में हुआ - 28 मार्च, 2021 को 10 करोड़ रुपये राघव मगुंटा के कर्मचारी गोपी कुमारन द्वारा चेन्नई में बुची बाबू द्वारा दिए गए पते पर पहुंचाए गए और जून 2021 में 15 करोड़ रुपये की राशि दी गई.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 17, 2024 08:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).