Delhi: शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में भीषण आग से करोड़ों का नुकसान, देरी का आरोप लगा भड़की भीड़ ने दमकल गाड़ियों पर किया पथराव
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित प्रसिद्ध फर्नीचर मार्केट में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई, जिससे कई दुकानें जलकर खाक हो गईं. दमकल विभाग की कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने दमकल गाड़ियों पर पथराव कर दिया, जिससे गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
नई दिल्ली, 23 मई: उत्तर-पूर्वी दिल्ली (North-East Delhi) के शास्त्री पार्क (Shastri Park) इलाके में स्थित एक प्रसिद्ध फर्नीचर मार्केट (Furniture Market) में शुक्रवार देर रात भीषण आग (Massive Fire) लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि उसने देखते ही देखते बाजार की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया. इस हादसे में करोड़ों रुपये मूल्य का लकड़ी का सामान और प्लाईवुड जलकर खाक होने की आशंका है. घटना के दौरान दमकल विभाग की शुरुआती कार्रवाई में देरी से नाराज स्थानीय निवासियों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और दमकल की गाड़ियों पर पथराव (Stone Pelting) कर दिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. यह भी पढ़ें: Delhi Fire Tragedy: दिल्ली के विवेक विहार में चार मंजिला इमारत में तड़के लगी भीषण आग, नींद में सो रहे 4 लोगों की मौत से मचा कोहराम; VIDEO
मध्यरात्रि में लगी आग, 'मीडियम कैटेगरी' घोषित
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, दमकल नियंत्रण कक्ष को शुक्रवार रात करीब 11:57 बजे शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में आग लगने की पहली सूचना मिली थी. बाजार में भारी मात्रा में सूखी लकड़ी, फोम, प्लास्टिक और प्लाईवुड जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियां मौजूद होने के कारण लपटों ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया.
डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर डी.बी. मुखर्जी ने बताया कि स्थिति की गंभीरता और बाजार के बड़े विस्तार को देखते हुए इसे 'मीडियम कैटेगरी' की श्रेणी में रखा गया. रात करीब 1:20 बजे तक चरणबद्ध तरीके से 25 से 30 दमकल वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. राहत की बात यह है कि इस हादसे में फिलहाल किसी के हताहत होने या झुलसने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
शुरुआती रिस्पॉन्स पर भड़के लोग, गाड़ियों में तोड़फोड़
आग बुझाने के अभियान के दौरान दमकल कर्मियों को स्थानीय लोगों के भारी विरोध और गुस्से का सामना करना पड़ा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब शुरुआत में केवल दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तो स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का आरोप था कि आग पिछले तीन घंटे से धधक रही थी और प्रशासन ने बहुत धीमी प्रतिक्रिया दी. इसके अलावा एक गाड़ी के आधे भरे होने और पाइप क्षतिग्रस्त होने के भी आरोप लगाए गए.
नाराज भीड़ ने दमकल वाहनों पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे कुछ गाड़ियों के शीशे टूट गए और वे क्षतिग्रस्त हो गईं. मौके पर मौजूद एक फायरफाइटर ने बताया, "आपातकालीन कॉल मिलने के तुरंत बाद हम यहां पहुंचे, लेकिन लोग हमारी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और हमें काम नहीं करने दे रहे हैं." स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने भीड़ को तितर-बितर कर दमकल कर्मियों को सुरक्षा घेरा प्रदान किया. यह भी पढ़ें: दिल्ली-एनसीआर: गर्मियों में घरों में भी कैसे लग जाती है आग?
साजिश की आशंका, फोरेंसिक और पुलिस जांच शुरू
इस घटना के पीछे कुछ स्थानीय दुकानदारों ने राजनीतिक कारणों से सोची-समझी साजिश या जानबूझकर आग लगाने की आशंका भी जताई है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक विशेष टीम ने शनिवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया. फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मलबे से साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों (जैसे शॉर्ट-सर्किट या कोई अन्य मानवीय प्रयास) का सटीक पता लगाया जा सके. पुलिस मामले की जांच कर रही है और पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान भी की जा रही है.