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Delhi Pollution Update: दिल्ली की हवा 'मध्यम' श्रेणी में, लेकिन कई इलाकों में AQI 250 पार; कालिंदी कुंज के पास यमुना में फिर तैरता दिखा सफेद झाग

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, सोमवार (26 अक्टूबर) सुबह 8 बजे दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 187 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है. औसत स्तर में मामूली सुधार के बावजूद शहर के कई निगरानी केंद्रों, विशेषकर जहांगीरपुरी (251) और आर.के. पुरम (233) में वायु गुणवत्ता 'खराब' स्तर पर बनी हुई है. वहीं दूसरी ओर, कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी की सतह पर विषैले सफेद झाग की मोटी परत दोबारा उभर आई है.

Delhi Pollution Update: दिल्ली की हवा 'मध्यम' श्रेणी में, लेकिन कई इलाकों में AQI 250 पार; कालिंदी कुंज के पास यमुना में फिर तैरता दिखा सफेद झाग
(Photo Credits Twitter)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और जल प्रदूषण दोनों मोर्चों पर चुनौतियां बनी हुई हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सोमवार सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 187 रहा. यद्यपि समग्र सूचकांक 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज हुआ है, लेकिन शहर के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण के स्तर में बड़ा अंतर देखने को मिला है.

हवा में घुले सूक्ष्म कणों (PM2.5 और PM10) के साथ-साथ यमुना नदी में कालिंदी कुंज के पास जहरीले सफेद झाग के दोबारा लौटने से पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं.

शहर के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण का स्तर

दिल्ली के अलग-अलग निगरानी केंद्रों से मिले आंकड़ों के अनुसार, जहां कुछ स्थानों पर हवा तुलनात्मक रूप से बेहतर रही, वहीं घनी आबादी वाले कई क्षेत्रों में सूचकांक 'खराब' (Poor) श्रेणी में पहुंच गया:

  • अपेक्षाकृत बेहतर क्षेत्र: बुराड़ी में AQI 128, बदरपुर में 125, नांगलोई में 150, जेएनयू में 157 और मंदिर मार्ग पर 165 दर्ज किया गया.
  • खराब श्रेणी वाले इलाके: जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 251 AQI दर्ज हुआ. इसके अलावा आर.के. पुरम (233), सीआरआरआई मथुरा रोड (231), विवेक विहार (240), पंजाबी बाग (229), नरेला (227) और मुंडका में 226 स्तर रहा.
  • 200 के पार अन्य स्टेशन: उत्तम नगर और सिरीफोर्ट में 215, द्वारका सेक्टर-8 में 207, पटपड़गंज और सोनिया विहार में 202 तथा रोहिणी में 200 AQI दर्ज किया गया.

कालिंदी कुंज के पास यमुना में जहरीला सफेद झाग

वायु प्रदूषण के बीच यमुना नदी की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. कालिंदी कुंज और ओखला बैराज के पास नदी के पानी पर सफेद झाग की मोटी परतें तैरती देखी गई हैं:

  • झाग का मुख्य कारण: अनुपचारित सीवेज (Untreated Sewage), डिटर्जेंट और औद्योगिक अपशिष्टों में मौजूद उच्च फॉस्फेट की मात्रा जब बैराज से गिरते पानी में हवा के संपर्क में आती है, तो यह विषैले झाग में तब्दील हो जाती है.
  • त्योहारी सीजन में चिंता: छठ पूजा जैसे आगामी प्रमुख पर्वों से पहले यमुना में झाग का उभरना गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि श्रद्धालु पारंपरिक रूप से नदी में स्नान और पूजा-अर्चना करते हैं.
  • सरकारी प्रयासों पर सवाल: यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में लगभग 9,000 करोड़ रुपये की ढांचागत परियोजनाओं और यमुना पुनरुद्धार पहलों के दावे किए गए थे.

ग्रैप का पहला चरण (GRAP Stage-1) लागू

प्रदूषण के स्तर को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में 21 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को प्रभावी किया हुआ है:

  • तंदूरों पर प्रतिबंध: होटल, रेस्तरां और खुले ढाबों में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई गई है.
  • डीजल जनरेटर पर सख्ती: आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं (जैसे अस्पताल और मेट्रो) को छोड़कर अन्य कार्यों के लिए डीजल जनरेटर सेट चलाने पर पाबंदी लागू है.
  • धूल नियंत्रण उपाय: निर्माण स्थलों पर धूल-रोधी उपायों का पालन अनिवार्य किया गया है और सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ाया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 26, 2026 10:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).