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Dalit Discrimination: तमिलनाडु के गांव में दलितों ने बहिष्कार का लगाया आरोप

तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के एक गांव के दलितों ने आरोप लगाया है कि ऊंची जाति के हिंदू क्षेत्र के मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं देकर उनका बहिष्कार कर रहे हैं,

Dalit Discrimination: तमिलनाडु के गांव में दलितों ने बहिष्कार का लगाया आरोप
Dalit Protest Photo Credits: IANS

चेन्नई, 31 अगस्त: तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के एक गांव के दलितों ने आरोप लगाया है कि ऊंची जाति के हिंदू क्षेत्र के मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं देकर उनका बहिष्कार कर रहे हैं, इसके अलावा उन्हें कुछ चीजें खरीदने की भी अनुमति नहीं है यह घटना तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के मडिक्कल पंचायत के कराडिक्कल गांव में हुई. यह भी पढ़े: Tamil Nadu Shocker: चेंगलपट्टू इलाके में पीएमके पदाधिकारी की हत्या, एक संदिग्ध गिरफ्तार

गांव में कई उच्च जाति के हिंदू परिवारों के साथ-साथ 23 एससी परिवार और 63 इरुला आदिवासी परिवार रहते हैं गांव के दो दलित व्यक्तियों नटराज और समुंदी ने पुलिस से शिकायत की कि ऊंची जाति के हिंदू लोगों के नेतृत्व में व्यापारी गांव में दलित लोगों काेे सामान नहीं दे रहे हैं उन्हें सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव के दलितों को सामुदायिक भवन के साथ-साथ क्षेत्र के चार मंदिरों में प्रवेश से भी मना कर दिया गया, जबकि मंदिर के पुजारी उनसे प्रसाद के रूप में अनाज स्वीकार कर रहे हैं.

लेकिन पुलिस ने कहा कि नटराज और एक स्थानीय व्यवसायी कुमारेसन के बीच एक मुद्दा था, जो उच्च जाति के हिंदू समुदाय से है पुलिस ने कहा कि एक शिकायत थी कि नटराज ने गांव में सरकारी जमीन के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया है और जब ऊंची जाति के हिंदू व्यापारी कुमारसन ने वहां अपनी कार पार्क की, तो नटराज ने इस पर आपत्ति जताई और इससे टकराव हुआ.

इसके बाद, नटराज ने उस भूखंड पर बाबासाहेब अंबेडकर की एक तस्वीर लगा दी इस पर उच्च जाति के हिंदुओं ने आपत्ति जताई और सरकारी भूमि से तस्वीर हटाने के लिए स्थानीय तहसीलदार को याचिका सौंपी तहसीलदार मोहन ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और अंबेडकर की तस्वीर वाले बोर्ड को हटा दिया और एक बोर्ड लगा दिया कि यह सरकारी भूमि है.

कुमारेसन ने आईएएनएस को बताया कि वह हर किसी को सब कुछ बेचते हैं और कोई बहिष्कार नहीं है उन्होंने बताया कि वह बच्चों को सिगरेट नहीं बेचते है लेकिन स्थानीय दलितों ने कहा कि कुमारेसन और चार अन्य उच्च जाति के हिंदू व्यापारी उन्हें सामान  नहीं बेच रहे हैं और उन्हें अपनी ज़रूरत की चीज़ें खरीदने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है.

कृष्णागिरी के जिला कलेक्टर टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे, हालांकि, एंचेती तहसीलदार पी. मोहन ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें दलितों को मंदिरों में प्रवेश से वंचित किए जाने की जानकारी नहीं है और वे इस मामले को देखेंगे डेनकैनोट्टई डीएसपी, एम. मुरली सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे मामले का अध्ययन करेंगे और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2023 12:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).