Dahi Handi 2026: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 1.60 लाख गोविंदाओं को मिलेगा ₹10 लाख का बीमा कवर
राज्य सरकार ने दही हांडी आयोजकों को सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों, स्थानीय प्रशासन के नियमों और न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रत्येक आयोजन स्थल पर तत्काल चिकित्सा सहायता और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी आयोजकों की होगी, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके.
Dahi Handi 2026: दही हांडी 2026 से पहले महाराष्ट्र सरकार ने गोविंदाओं के लिए बड़ी घोषणा की है. राज्य सरकार ने दही हांडी उत्सव में हिस्सा लेने वाले करीब 1.60 लाख गोविंदाओं को 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर देने का फैसला किया है. इस योजना का उद्देश्य मानव पिरामिड बनाने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की स्थिति में प्रतिभागियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है.
दुर्घटना की स्थिति में कितना मिलेगा मुआवजा?
खेल एवं युवा सेवा विभाग द्वारा जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, दुर्घटना की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग मुआवजे का प्रावधान किया गया है.
दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता: गोविंदा की मौत या दोनों आंखों अथवा दोनों हाथ-पैरों के स्थायी नुकसान की स्थिति में परिवार को 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा.
आंशिक स्थायी विकलांगता: यदि किसी गोविंदा की एक आंख, एक हाथ या एक पैर स्थायी रूप से प्रभावित होता है, तो 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.
इलाज का खर्च: दही हांडी के दौरान घायल होने पर अस्पताल में भर्ती और उपचार के लिए 1 लाख रुपये तक का मेडिकल खर्च बीमा के तहत कवर किया जाएगा.
राज्य सरकार उठाएगी प्रीमियम का पूरा खर्च
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बीमा योजना का पूरा प्रीमियम राज्य खेल विकास निधि (State Sports Development Fund) से वहन किया जाएगा. यानी गोविंदाओं को इसके लिए किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना होगा.
बीमा का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
बीमा योजना का लाभ केवल उन्हीं गोविंदाओं को मिलेगा, जो महाराष्ट्र राज्य दही हांडी गोविंदा एसोसिएशन के माध्यम से आधिकारिक रूप से पंजीकृत और सत्यापित होंगे. इसके लिए निर्धारित आयु सीमा और प्रशिक्षण संबंधी पात्रता शर्तों को पूरा करना भी आवश्यक होगा.
आयोजकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा
राज्य सरकार ने दही हांडी आयोजकों को सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों, स्थानीय प्रशासन के नियमों और न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रत्येक आयोजन स्थल पर तत्काल चिकित्सा सहायता और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी आयोजकों की होगी, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके.