DA Hike 2026: कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी; पंजाब, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में बढ़ा महंगाई भत्ता, देखें राज्यवार पूरी सूची
बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के बीच देश के विभिन्न राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की घोषणा की है। केंद्र सरकार के मानकों और अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर अलग-अलग राज्यों ने अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार डीए की दरों में संशोधन किया है। पंजाब ने 8 प्रतिशत की दो किस्तों में बढ़ोतरी अधिसूचित की है, जबकि उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में डीए बढ़कर मूल वेतन का 60 प्रतिशत हो गया है.
नई दिल्ली: देश भर के लाखों सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के लिए त्योहारी सीजन से पहले विभिन्न राज्य सरकारों ने वित्तीय राहत का बड़ा पिटारा खोला है. Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रमुख राज्य प्रशासनों ने महंगाई के दबाव को कम करने के लिए अपने वेतन घटकों में संशोधन करते हुए बकाए (Arrears) के भुगतान की घोषणा की है.
केंद्रीय भत्तों की तर्ज पर अधिकांश राज्यों में महंगाई भत्ते की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर अब 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि कुछ राज्यों ने लंबित किस्तों को जारी करने के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया है. यह भी पढ़ें: DA Hike News: जुलाई 2026 डीए बढ़ोतरी पर आया बड़ा अपडेट, कर्मचारियों ने सरकार से की जल्द ऐलान की मांग
राज्यवार महंगाई भत्ता (DA/DR) संशोधन: पूरी सूची
Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न राज्यों द्वारा अधिसूचित डीए और डीआर में वृद्धि का ब्योरा इस प्रकार है:
| राज्य | डीए/डीआर (DA/DR) में संशोधन का विवरण | प्रभावी तिथि / कार्यान्वयन की स्थिति |
| पंजाब | कुल 8% की बढ़ोतरी; 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों में लागू करने की अधिसूचना। | सितंबर / अक्टूबर 2026 |
| आंध्र प्रदेश | दो लंबित संशोधनों (2.73% और 1.82%) को मिलाकर कुल 4.55% की संयुक्त वृद्धि। | सितंबर 2026 से लागू (एरियर का भुगतान 2027–2028 में) |
| उत्तर प्रदेश | 2% की वृद्धि; डीए/डीआर 58% से बढ़कर मूल वेतन का 60% हुआ। (लगभग 16 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स को लाभ) | 1 जनवरी 2026 से प्रभावी |
| तमिलनाडु | राज्य कर्मियों, शिक्षकों और पेंशनर्स के लिए 2% की बढ़ोतरी; दर 60% पर पहुंची (सालाना ₹1,230 करोड़ का व्यय)। | 1 जनवरी 2026 से प्रभावी |
| बिहार | 7वें वेतन आयोग के तहत 2% की वृद्धि (60% पर); 6वें वेतन आयोग कर्मियों के लिए 5% की बढ़ोतरी (257% से बढ़कर 262%)। | 1 जनवरी 2026 से प्रभावी |
| पश्चिम बंगाल | राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 20% की बढ़ोतरी; घटक बढ़कर मूल वेतन का 38% हुआ। | अक्टूबर 2026 से लागू |
| ओडिशा | कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 2% की वृद्धि; कुल डीए बढ़कर 60% हुआ। | 1 जनवरी 2026 से प्रभावी |
| असम | 2 प्रतिशत अंकों की वृद्धि; डीए 58% से बढ़कर 60% पर पहुंचा। | मई 2026 (तत्काल प्रभाव से) |
| अरुणाचल प्रदेश | डीए और डीआर में 2% की बढ़ोतरी; मूल वेतन का 60% आवंटित। | 1 जनवरी 2026 से प्रभावी |
| सिक्किम | राज्य कर्मियों और पेंशनर्स के लिए 2% डीए और डीआर की वृद्धि। | 1 जनवरी 2026 से प्रभावी |
| महाराष्ट्र | सेवानिवृत्त अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के लिए 2% DR वृद्धि और ₹800 करोड़ के डीए एरियर को मंजूरी। | पूर्वव्यापी भुगतान कार्यक्रम (Retroactive) |
पश्चिम बंगाल और बिहार में विशेष वेतन आयोग व्यवस्था
कुछ राज्यों में पुराने वेतन आयोग के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं:
- पश्चिम बंगाल: राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, जो कर्मचारी अब भी 5वें वेतन आयोग (5th CPC) के तहत वेतन प्राप्त कर रहे हैं, उनका डीए 1 अक्टूबर से 171% से बढ़कर सीधे 223% हो जाएगा. इसके अलावा, जिन पेंशनर्स की पेंशन ROPA-2009 नियमों के तहत संशोधित होनी बाकी है, उन्हें भी संशोधित पेंशन लागू होने तक 223% की दर से डीआर मिलेगा.
- बिहार: राज्य कैबिनेट ने 6वें वेतन आयोग के दायरे में आने वाले कर्मियों के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत अंकों की भारी बढ़ोतरी कर इसे 262% तक पहुंचा दिया है.
कर्मचारियों की वित्तीय सेहत पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
महंगाई भत्ता केवल मासिक वेतन का एक पूरक हिस्सा नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी की संपूर्ण वित्तीय संरचना को प्रभावित करता है:
- टेक-होम सैलरी में इजाफा: डीए में सीधे प्रतिशत वृद्धि से कर्मचारियों के हाथ में आने वाला मासिक वेतन (In-hand Salary) बढ़ जाता है, जिससे घरेलू खर्चों और ईएमआई के प्रबंधन में मदद मिलती है.
- भविष्य निधि (PF) और ग्रेच्युटी: चूंकि प्रोविडेंट फंड का अंशदान 'बेसिक पे + डीए' के फॉर्मूले पर आधारित होता है, इसलिए डीए बढ़ने से पीएफ में बचत का स्तर और सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा भी स्वतः बढ़ जाती है.
- पेंशनर्स को महंगाई राहत: सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाली 'डियरनेस रिलीफ' (DR) में समान बढ़ोतरी से बढ़ती उम्र में चिकित्सा खर्चों और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति आसान होती है.