Cyclone Arnab Update: बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव, उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ा, आज रात तट से टकराने की संभावना
मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, यह गहरा दबाव पिछले कुछ घंटों से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. यह प्रणाली आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम और विशाखापट्टनम तथा ओडिशा के गोपालपुर और पुरी के पास केंद्रित है.
Cyclone Arnab Update: पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (Deep Depression) तेजी से उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसमी प्रणाली 23 सितंबर की रात तक कलिंगपटनम के पास तट को पार कर सकती है. मौसम विभाग ने संबंधित तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है.
गति और लैंडफॉल का अनुमान
मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, यह गहरा दबाव पिछले कुछ घंटों से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. यह प्रणाली आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम और विशाखापट्टनम तथा ओडिशा के गोपालपुर और पुरी के पास केंद्रित है. यह भी पढ़े: मुंबई आज की ताजा खबर, 11 सितंबर 2026: जल कटौती, FDA कार्रवाई, फ्लाईओवर और गणेशोत्सव समेत पढ़ें बड़े अपडेट्स
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह प्रणाली 23 सितंबर की रात को विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपटनम के करीब, एक गहरे दबाव के रूप में ही तट को पार करेगी.
IMD का पोस्ट
'चक्रवात अर्नब' नाम क्यों चर्चा में है?
विभिन्न समाचार माध्यमों में इस मौसमी बदलाव को 'चक्रवात अर्नब' कहा जा रहा है. दरअसल, उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र के लिए तैयार की गई चक्रवातों की सूची में अगला नाम 'अर्नब' है, जो बांग्लादेश द्वारा दिया गया शब्द है और इसका बंगाली में अर्थ 'समुद्र' होता है.
हालांकि, IMD ने अभी इस प्रणाली को 'चक्रवाती तूफान' श्रेणी में वर्गीकृत नहीं किया है. आधिकारिक तौर पर यह अब भी एक 'गहरा दबाव' ही है. यदि यह प्रणाली और अधिक मजबूत होकर चक्रवात का रूप लेती है, तभी इसे औपचारिक रूप से 'अर्नब' नाम दिया जाएगा.
भारी बारिश और हवाओं का अलर्ट
तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 55 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. हवा की गति बढ़कर 75 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
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बारिश का अनुमान: ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
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जलजमाव और बाढ़ की स्थिति: निचले इलाकों में जलजमाव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है.
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मछुआरों को चेतावनी: खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे स्थिति में सुधार होने तक समुद्र में न जाएं.
सुरक्षा और एहतियाती कदम
संभावित खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने गंजम, गजपति, खुर्दा और जगसिंहपुर जैसे जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अस्थायी छुट्टी घोषित कर दी है. आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.