'क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, भारत की धड़कन है...' जम्मू-कश्मीर की अदालत का ऐतिहासिक फैसला

जम्मू-कश्मीर की किश्तवाड़ कोर्ट ने क्रिकेट विवाद पर फैसला सुनाते हुए क्रिकेट को भारत की धड़कन बताया. अदालत ने टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर समझौते को वैध मानते हुए निष्पक्ष अंपायरिंग और खेल भावना पर ज़ोर दिया. फैसले में अदालत ने कहा कि क्रिकेट सिर्फ़ खेल नहीं, बल्कि हर भारतीय की भावनाओं से जुड़ा है.

T20 Champions Trophy Kishtwar: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर चल रहे एक विवाद (Jammu Kashmir Cricket Match Dispute) में अदालत ने ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए क्रिकेट के प्रति भारतीयों की भावना को बयां किया है. मुनसिफ कोर्ट (न्यायिक मजिस्ट्रेट, किश्तवाड़) (Kishtwar court) ने अपने फैसले में कहा, “क्रिकेट भारत में सिर्फ़ एक खेल नहीं, बल्कि एक धड़कन है जो हर गली, हर घर और हर आत्मा में धड़कती है.”

अदालत ने कहा, “यह उस भीड़ की खुशी है जब कोई बल्लेबाज़ छक्का मारता है, वह दर्द है जब कैच छूट जाता है, और वह मौन प्रार्थना है जो आखिरी ओवर से पहले हर प्रशंसक करता है. क्रिकेट का मैदान हर भारतीय के लिए एक पवित्र स्थल है, जहां सपने जन्म लेते हैं और नायक बनते हैं. चाहे विदेशी धरती पर मैच हो या घरेलू टूर्नामेंट, भारत में लोग समय से पहले उठते हैं, भूखे रहते हैं, और हर जीत या हार पर आंखें नम हो जाती हैं. धूल भरी गलियों से लेकर भव्य स्टेडियमों तक, क्रिकेट करोड़ों दिलों में बसता है और हमें याद दिलाता है कि इस विशाल देश में एक चीज़ है जो सबको जोड़ती है — बल्ले से गेंद के टकराने की आवाज़ और जीत की उम्मीद.”

टूर्नामेंट विवाद पर समझौते से सुलझा मामला 

यह टिप्पणी किश्तवाड़ जिले में आयोजित "T20 चैंपियंस ट्रॉफी – दूसरा संस्करण" के एक विवाद से जुड़ी है. मामला अदालत में दोनों पक्षों की पेशी के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था. दोनों पक्षों ने अदालत के समक्ष एक आपसी समझौते (Compromise Deed) को पेश किया, जो कि अदालत में ही खुले तौर पर हस्ताक्षरित और निष्पादित किया गया.

अदालत ने समझौते का अवलोकन कर पाया कि यह बिना किसी दबाव, प्रभाव या ज़बरदस्ती के किया गया है और पूरी तरह से वैध और लागू करने योग्य है. यह समझौता खेल भावना, निष्पक्षता और प्रक्रिया की मर्यादा को बनाए रखते हुए किया गया है.

अदालत द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश

निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति

अदालत ने इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता तौकीर मुश्ताक को नियुक्त किया है, जो पूरे मैच की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते की सभी शर्तों का पालन हो. आयोजन समिति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिवक्ता के काम में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें और पूरी तरह से सहयोग करें.

अदालत ने अपने आदेश में अंत में यह भी कहा, “पार्टियों को निर्देश दिया जाता है कि वे पूरे टूर्नामेंट की अवधि में खेल भावना, अनुशासन और परस्पर सम्मान को बनाए रखें.”

यह फैसला सिर्फ एक टूर्नामेंट का विवाद नहीं सुलझाता, बल्कि यह दिखाता है कि भारत में क्रिकेट एक भावना है, जो न्यायालयों के फैसलों में भी जगह बना लेती है.

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