COVID-19: तमिलनाडु में नवीनतम सीरो सर्वे में 97 प्रतिशत लोगों में कोविड-19 एंटीबॉडी पाए गए
देशभर में कोविड-19 मामलों की संभावित नई लहर को लेकर चिंता बढ़ रही है. इसी बीच तमिलनाडु सरकार ने बताया है कि राज्य की जनता में वायरस के खिलाफ बहुत मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) मौजूद है, जिसका श्रेय प्रभावी टीकाकरण कवरेज को जाता है.
चेन्नई, 12 जून : देशभर में कोविड-19 मामलों की संभावित नई लहर को लेकर चिंता बढ़ रही है. इसी बीच तमिलनाडु सरकार ने बताया है कि राज्य की जनता में वायरस के खिलाफ बहुत मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) मौजूद है, जिसका श्रेय प्रभावी टीकाकरण कवरेज को जाता है.
जनस्वास्थ्य एवं रोकथाम चिकित्सा निदेशालय (डीपीएचएंडपीएम) के मुताबिक, राज्यव्यापी सेरोलॉजिकल सर्वेक्षण के पांचवें चरण से पता चला है कि 97 प्रतिशत रक्त सैंपलों में एसएआरएस-सीओवी-2 वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है. ये सर्वे अप्रैल से शुरू हुआ था, जो चेन्नई, तिरुवल्लुवर, तिरुवन्नामलाई, तिरुचिरापल्ली, धर्मपुरी और कन्याकुमारी के 6 जिलों के वरिष्ठ नागरिकों पर केंद्रित था. कुल 3643 ब्लड सैंपल लिए गए और एसएआरएस-सीओवी-2 आजीजी एंटीबॉडी के लिए उनका परीक्षण किया गया. यह भी पढ़ें : अमेठी में ‘इन्वर्टर’ विस्फोट के दौरान दपंति की मौत के मामले में हत्या की शिकायत दर्ज कराई गई
अधिकारियों ने कहा कि महामारी की शुरुआत के तीन साल बाद भी शरीर में एंटीबॉडी की उपस्थिति ये दर्शाती है कि कोविड-19 के टीकों की दीर्घकालिक प्रभावशीलता बहुत अच्छी रही है. ये एंटीबॉडी शरीर की सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं, जो वायरस को निष्क्रिय करने के साथ गंभीर बीमारी से बचाव करती हैं. डीपीएचएंडपीएम के एक बयान के मुताबिक, आम जनता में एंटीबॉडी की उच्च मौजूदगी ही मुख्य कारण है कि तमिलनाडु में हाल के कोविड-19 मामलों में सिर्फ हल्के लक्षण ही दिखाई दिए हैं और मृत्यु दर लगभग शून्य है.
सलेम के एक निजी मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रजनी वारियर ने कहा, "जब कोई संक्रमण शरीर में प्रवेश करता है तो ये स्वाभाविक रूप से उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है. हालांकि कमजोर वर्ग, जैसे कि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और और पहले से बीमार लोगों को एंटीबॉडी की मौजूदगी के बावजूद सावधानी बरतनी चाहिए." तमिलनाडु सरकार का दावा है कि राज्य में इस साल अब तक कोविड-19 से संबंधित कोई मौत नहीं हुई है. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़े इसके उलट संकेत देते हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य के मुताबिक, जनवरी से अब तक तमिलनाडु में कोविड-19 से 6 मौतें दर्ज की गईं, जबकि 200 से अधिक एक्टिव केस हैं.
हालांकि एहतियात के तौर पर तमिलनाडु में फिर से कुछ सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं. मई के आखिरी हफ्ते में लोक स्वास्थ्य निदेशालय ने एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क और शारीरिक दूरी के इस्तेमाल की सलाह दी गई. इसके बाद कोयंबटूर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने अपने परिसर में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वायरस की दोबारा वापसी रोकने के लिए सतर्कता और एहतियात जरूरी हैं.
इसके पहले देशभर में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने तैयारियों का आकलन करने के लिए एक हाईलेवल मीटिंग की. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 12, 2025 02:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

